नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। केंद्र सरकार ने युवाओं को ऑनलाइन सट्टेबाजी और गैंबलिंग की लत से बचाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। सरकार ने 242 अवैध सट्टेबाजी और गैंबलिंग से जुड़ी वेबसाइट लिंक को ब्लॉक कर दिया है। इसके साथ ही इनसे जुड़े अवैध मोबाइल ऐप्स पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। सरकार का कहना है कि बड़ी संख्या में देश के युवा इन गैरकानूनी गतिविधियों में फंस रहे थे, जिससे सामाजिक और आर्थिक नुकसान बढ़ रहा था।
अब तक 7,800 से ज्यादा वेबसाइट और ऐप बंद
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक 7,800 से अधिक अवैध सट्टेबाजी और गैंबलिंग वेबसाइट व ऐप्स को बंद किया जा चुका है। ऑनलाइन गेमिंग एक्ट लागू होने के बाद इस तरह की कार्रवाई में तेजी आई है। यह कानून अवैध ऑनलाइन पैसे वाले खेलों पर नकेल कसने के लिए लाया गया है।
ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 को मिली मंजूरी
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 (Promotion and Regulation) को मंजूरी दी थी। यह बिल पिछले साल अगस्त में संसद से पास हुआ था। सरकार का मानना है कि यह कानून नागरिकों को ऑनलाइन पैसे वाले खेलों के जोखिम से बचाने और वैध व सुरक्षित ऑनलाइन गेमिंग को बढ़ावा देने की दिशा में एक मजबूत कदम है।
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सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गए थे सट्टेबाजी ऐप
सरकार ने ऑनलाइन गेमिंग बिल 2025 में स्पष्ट किया था कि यह कानून उन गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के खिलाफ है, जो झूठे वादों के जरिए मुनाफा कमाते हैं और लोगों को लत, वित्तीय बर्बादी व सामाजिक समस्याओं की ओर धकेलते हैं। ऐसे प्लेटफॉर्म परिवारों की आर्थिक सुरक्षा और डिजिटल अर्थव्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बन चुके थे।
WHO ने भी माना है गेमिंग डिसऑर्डर
विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस तरह की लत को Gaming Disorder के रूप में वर्गीकृत किया है। सरकार के मुताबिक, ऑनलाइन पैसे वाले गेमिंग प्लेटफॉर्म्स के कारण कई परिवारों की जीवनभर की बचत खत्म हो गई, युवा इसकी लत के शिकार हो गए और कुछ मामलों में आत्महत्या जैसी घटनाएं भी सामने आईं।
युवाओं और परिवारों की सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता
सरकार का कहना है कि यह कार्रवाई युवाओं, परिवारों और डिजिटल इकोनॉमी की सुरक्षा के लिए की गई है। आने वाले समय में अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और गैंबलिंग के खिलाफ और सख्त कदम उठाए जाएंगे।
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