नई दिल्ली (राष्ट्र की परम्परा)। दिव्यांग छात्रों के लिए चलाई जा रही छात्रवृत्ति योजना में बड़े घोटाले का खुलासा हुआ है। Central Bureau of Investigation (CBI) ने करीब 11.4 करोड़ रुपये के छात्रवृत्ति घोटाले में पांच राज्यों के नोडल अधिकारियों, फर्जी संस्थानों और छात्रों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है।
यह मामला दिव्यांग छात्रों के लिए शुरू की गई Umbrella Scholarship Scheme से जुड़ा है, जिसे वर्ष 2018 में लागू किया गया था।
पांच राज्यों के अधिकारियों पर केस
सीबीआई के अनुसार जिन राज्यों के अज्ञात लोक सेवकों और नोडल अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है, उनमें Delhi, Uttar Pradesh, Tamil Nadu, Karnataka और Jammu and Kashmir शामिल हैं।
यह योजना कक्षा 11वीं और 12वीं के साथ-साथ मैट्रिक के बाद डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स करने वाले छात्रों के लिए शुरू की गई थी। इसके अलावा स्नातक और स्नातकोत्तर डिग्री व डिप्लोमा कोर्स करने वाले छात्रों को भी छात्रवृत्ति दी जाती थी।
926 फर्जी छात्रों के नाम पर निकाली गई रकम
जांच में सामने आया कि 28 संस्थानों से जुड़े 926 छात्रों के नाम पर करीब 11.41 करोड़ रुपये की छात्रवृत्ति जारी की गई। जांच के दौरान पता चला कि इन छात्रों में से कई फर्जी थे या फिर संबंधित संस्थानों में गंभीर अनियमितताएं थीं।
सीबीआई ने यह भी पाया कि कई संस्थान अस्तित्व में ही नहीं थे या पहले से बंद हो चुके थे, फिर भी उनके नाम पर राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल से धनराशि का दावा किया जा रहा था।
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बंद कॉलेज के नाम पर भी लिया गया पैसा
जांच में जम्मू-कश्मीर स्थित सत्यम कॉलेज ऑफ एजुकेशन का मामला सामने आया, जो 2017 से बंद था। इसके बावजूद राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल पर फर्जी यूजर आईडी बनाकर छात्रों के नाम पर छात्रवृत्ति का दावा किया जा रहा था।
इसके अलावा कई स्कूलों और संस्थानों के नाम बिना उनकी जानकारी के इस्तेमाल किए जाने का भी खुलासा हुआ।
कई संस्थानों ने योजना से अनभिज्ञता जताई
सीबीआई के अनुसार राजस्थान, कर्नाटक और ओडिशा के 11 संस्थानों ने जांच के दौरान बताया कि उन्हें इस योजना की जानकारी तक नहीं थी। जिन छात्रों को लाभार्थी बताया गया, वे कभी उन संस्थानों में दाखिल ही नहीं हुए थे।
नोडल अधिकारियों और छात्रों की मिलीभगत
जांच में यह भी सामने आया कि कुछ मामलों में नोडल अधिकारियों और छात्रों ने मिलकर साजिश रची और छात्रवृत्ति की रकम हड़प ली।
एफआईआर के अनुसार लखनऊ के एक कॉलेज में नोडल अधिकारी ने 2022-23 शैक्षणिक वर्ष में 32 छात्रवृत्ति आवेदन आगे बढ़ाए। इनमें से 24 छात्रों को छात्रवृत्ति मिली, जबकि 9 छात्रों ने रकम निकाल भी ली।
फिलहाल सीबीआई पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है और आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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