Sunday, March 1, 2026
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होली से पहले देवरिया के स्वास्थ्य केंद्रों पर अलर्ट, सीएमओ ने किया औचक निरीक्षण

देवरिया,(राष्ट्र की परम्परा)जिले में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला देवरिया निरीक्षण अभियान के तहत मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने रविवार को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (पीएचसी) खोरमा कन्होली और रामलक्षन का औचक दौरा किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने मरीजों को मिल रही चिकित्सा सुविधाओं, दवा उपलब्धता, लैब जांच, स्वच्छता और आपातकालीन तैयारियों की विस्तृत समीक्षा की।
होली पर्व के मद्देनजर सीएमओ ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों को विशेष सतर्कता बरतने और आपात स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह तैयार रहने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि स्वास्थ्य केंद्रों पर स्वास्थ्य व्यवस्था चाक-चौबंद रहनी चाहिए, ताकि किसी भी परिस्थिति में मरीजों को त्वरित उपचार मिल सके।
खोरमा कन्होली पीएचसी पर सेवाएं संतोषजनक
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला देवरिया निरीक्षण के दौरान सीएमओ सबसे पहले पीएचसी खोरमा कन्होली पहुंचे। यहां चिकित्सा अधिकारी, स्टाफ नर्स और अन्य स्वास्थ्य कर्मी अपनी ड्यूटी पर मौजूद मिले। ओपीडी में मरीजों की नियमित जांच हो रही थी।
सीएमओ ने मरीजों से संवाद कर उपचार की गुणवत्ता और व्यवहार के बारे में जानकारी ली। उन्होंने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि मरीजों के साथ सौम्य और संवेदनशील व्यवहार रखें, क्योंकि बेहतर संवाद से ही मरीजों का भरोसा मजबूत होता है।
दवा भंडारण कक्ष का निरीक्षण करते हुए उन्होंने कहा कि अस्पताल में उपलब्ध सभी आवश्यक दवाएं पर्याप्त मात्रा में स्टॉक में रहें। किसी भी मरीज को दवा के अभाव में वापस न लौटना पड़े, यह सुनिश्चित किया जाए।
लैब जांच और रिपोर्टिंग प्रणाली की समीक्षा
निरीक्षण के दौरान सीएमओ लैब पहुंचे और लैब तकनीशियन से विभिन्न जांचों की प्रक्रिया के बारे में जानकारी ली। उन्होंने निर्देश दिया कि सभी आवश्यक पैथोलॉजी जांचें समय पर की जाएं और रिपोर्ट शीघ्र उपलब्ध कराई जाए।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला देवरिया निरीक्षण का मुख्य उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर ही गुणवत्तापूर्ण जांच और उपचार सुविधा उपलब्ध कराना है, ताकि उन्हें जिला अस्पताल या निजी केंद्रों पर निर्भर न रहना पड़े।
स्वच्छता और अनुशासन पर विशेष बल
सीएमओ ने अस्पताल परिसर की साफ-सफाई का जायजा लेते हुए निर्देश दिया कि वार्ड, ओपीडी कक्ष, दवा वितरण केंद्र और शौचालयों में नियमित स्वच्छता बनी रहे। उन्होंने कहा कि स्वच्छ वातावरण संक्रमण रोकथाम के लिए अत्यंत आवश्यक है।
उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल परिसर में अनुशासन और व्यवस्थित कार्यप्रणाली बनाए रखें, जिससे मरीजों को सुव्यवस्थित सेवाएं मिल सकें।
रामलक्षन पीएचसी में भी व्यवस्थाएं दुरुस्त
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला देवरिया निरीक्षण के क्रम में सीएमओ ने पीएचसी रामलक्षन का भी दौरा किया। यहां भी चिकित्सक और अन्य स्टाफ अपनी ड्यूटी पर उपस्थित मिले। ओपीडी में मरीजों का उपचार नियमित रूप से किया जा रहा था।
सीएमओ ने चिकित्सकों को निर्देश दिया कि त्योहारों के दौरान संभावित आपात स्थितियों को ध्यान में रखते हुए प्राथमिक उपचार की व्यवस्था मजबूत रखें। उन्होंने कहा कि जलने, चोट लगने, एलर्जी या मौसमी बीमारियों के मामलों में तत्काल उपचार उपलब्ध कराया जाए।
होली के मद्देनजर विशेष तैयारी
होली के दौरान दुर्घटनाओं और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं की आशंका को देखते हुए सीएमओ ने सभी पीएचसी और सीएचसी को सतर्क रहने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि एम्बुलेंस सेवाएं सक्रिय रहें और गंभीर मरीजों के लिए रेफरल व्यवस्था सुचारु हो।
उन्होंने यह भी कहा कि चिकित्सक और पैरामेडिकल स्टाफ किसी भी आपात स्थिति में त्वरित प्रतिक्रिया देने के लिए तैयार रहें। त्योहार के दौरान स्वास्थ्य सेवाओं में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अधिकतम लाभार्थियों तक पहुंचे आरोग्य मेला
सीएमओ ने कहा कि मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला देवरिया निरीक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक ग्रामीण आबादी को स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ मिले। उन्होंने स्वास्थ्य कर्मियों को निर्देश दिया कि मेले में आने वाले लोगों को विभिन्न सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं की जानकारी भी दें।
मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाएं, टीकाकरण, रक्तचाप और शुगर जांच, तथा अन्य सामान्य रोगों की जांच को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।
मातृ स्वास्थ्य सेवाओं पर भी चर्चा
निरीक्षण के दौरान जिला मातृ स्वास्थ्य परामर्शदाता विश्वनाथ मल्ल भी मौजूद रहे। सीएमओ ने गर्भवती महिलाओं की नियमित जांच और उच्च जोखिम वाली गर्भावस्थाओं की पहचान सुनिश्चित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि मातृ एवं शिशु मृत्यु दर कम करने के लिए प्राथमिक स्तर पर ही सतर्कता आवश्यक है।
स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता पर प्रशासन की नजर
मुख्यमंत्री जन आरोग्य मेला देवरिया निरीक्षण से स्पष्ट है कि जिला स्वास्थ्य विभाग ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय है। नियमित निरीक्षण और निगरानी से न केवल सेवा गुणवत्ता में सुधार होगा, बल्कि आमजन का विश्वास भी बढ़ेगा।
सीएमओ ने अंत में कहा कि सभी स्वास्थ्य केंद्र अपने दायित्वों का निर्वहन ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ करें। मरीजों को बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना ही विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

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