गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के महिला अध्ययन केंद्र द्वारा एम्स गोरखपुर एवं जिला स्वास्थ्य समिति के संयुक्त तत्वावधान में विश्व स्वास्थ्य दिवस के अवसर पर स्वास्थ्य परीक्षण शिविर एवं स्वास्थ्य कार्ड अभियान का आयोजन किया गया। कार्यक्रम राज्यपाल एवं कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल की प्रेरणा तथा कुलपति प्रो. पूनम टंडन के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। इस वर्ष की थीम “टुगेदर फॉर हेल्थ: स्टैंड विथ साइंस” रही।
विश्वविद्यालय में आयोजित इस कार्यक्रम में विद्यार्थियों, शिक्षकों एवं कर्मचारियों की व्यापक सहभागिता रही। यह आयोजन निवारक स्वास्थ्य और जन-जागरूकता की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल के रूप में सामने आया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा प्रतिवर्ष 7 अप्रैल को मनाया जाने वाला विश्व स्वास्थ्य दिवस स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने का एक वैश्विक अभियान है, जो वैज्ञानिक दृष्टिकोण, रोकथाम और समावेशी स्वास्थ्य सेवाओं पर बल देता है।
कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने कहा कि स्वास्थ्य के प्रति सजगता और नियमित जांच को अपनाकर ही सशक्त एवं स्वस्थ समाज का निर्माण संभव है। उन्होंने विज्ञान आधारित स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति विश्वविद्यालय की प्रतिबद्धता पर भी जोर दिया।
जिला चिकित्सा अधिकारी डॉ. राजेश झा की उपस्थिति उल्लेखनीय रही। उन्होंने जनस्वास्थ्य कार्यक्रमों और रोगों की रोकथाम पर बल देते हुए विश्वविद्यालय के प्रयासों की सराहना की।
एम्स गोरखपुर एवं जिला स्वास्थ्य विभाग की संयुक्त टीम द्वारा शिविर में स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की गईं। डॉ. प्रियंका शिशोदिया के नेतृत्व में टीम ने मधुमेह, उच्च रक्तचाप, एनीमिया, स्त्री रोग संबंधी जांच और नेत्र परीक्षण जैसी सेवाएं उपलब्ध कराईं। साथ ही छात्राओं को मासिक धर्म स्वच्छता के प्रति जागरूक करते हुए सैनिटरी पैड वितरित किए गए।
राष्ट्रीय बाल सुरक्षा कार्यक्रम (RBSK) की नोडल अधिकारी डॉ. अर्चना सिंह की भी सक्रिय भूमिका रही। कार्यक्रम के समन्वय में श्रद्धा सिकरिया का योगदान महत्वपूर्ण रहा, जबकि व्यवस्थापन में नेहा गुप्ता, विपिन कुमार यादव, ओंकार निषाद, ए. हजारी लाल और डॉ. एस.पी. कुमार ने सहयोग किया।
कार्यक्रम के दौरान गृह विज्ञान विभाग की प्रो. दिव्या रानी सिंह और उनकी शोधार्थी काजोल आर्यन द्वारा एनीमिया जागरूकता से संबंधित पोषण कैलेंडर, पोषण पुस्तिका और जागरूकता फोल्डर का अनावरण किया गया। इन सामग्रियों का उद्देश्य सही खान-पान और पोषण के महत्व के प्रति लोगों को जागरूक करना है।
शिविर में तीन सौ से अधिक लोगों ने स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठाया और सभी प्रतिभागियों को स्वास्थ्य कार्ड प्रदान किए गए। संयोजक प्रो. दिव्या रानी सिंह ने बताया कि महिला अध्ययन केंद्र द्वारा ऐसे कार्यक्रम आगे भी निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
कार्यक्रम में प्रो. अनुभूति दुबे, डॉ. विस्मिता पालीवाल, डॉ. प्रीति गुप्ता, डॉ. अनुपमा कौशिक, डॉ. नीता सिंह, डॉ. गार्गी पांडे, डॉ. गरिमा यादव सहित विभाग के शोधार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम अंत में आभार ज्ञापन के साथ संपन्न हुआ।
