गीत म, संगीत म, मनखे के पिरीत म,
मन म, जीवन म, आनंद-ही-आनंद हे।
खेत म, खार म, रूख-राई के डार म,
बाग म, राज म, सुघ्घर बगरे बसंत हे।।
इंद्रधनुषी जम्मों फूल के गुरतुर रस ल,
तितली, भौंरा अउ चिरई मन ह चूहके।
सुआ अउ मैना ल मया करत देख-देख,
आमा पेड़ म कोयली कुहू-कुहू कुहके।।
पिंयर रंग के सरसों, राहेर फूले हवय,
सादा के मोंगरा, मंदार अउ कुसियार।
बोइर, बिही, अरम पपई के फर गदरागे,
कउंवा भगनहा पुतला लगे हे रखवार।।
धान के कलगी खोंचे, माथा गहूं पटिया,
गला म चंदैनी-गोंदा के सुर्रा हे मनोहारी।
जवा फूल के नांगमोरी, बंभरी बीजा सांटी,
भुईयां महतारी सजे-धजे लागे फुलवारी।
कवि- अशोक कुमार यादव मुंगेली, छत्तीसगढ़
देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)को नया जिलाधिकारी मिल गया है। वर्ष 2015 बैच के आईएएस अधिकारी…
कई जिलों के डीएम बदले, शासन स्तर पर भी तबादले लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर…
तमिलनाडु में बदलेगा सत्ता का समीकरण? विजय की एंट्री से द्रविड़ राजनीति में नई हलचल,…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जिले के घुघली थाना क्षेत्र में टप्पेबाजी की बढ़ती घटनाओं…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। आज के दौर में जब भौतिक उपलब्धियों की अंधी दौड़ तेज…
मथुरा डैम त्रासदी से सीख नहीं : बरगी डैम हादसा प्रशासनिक लापरवाही का गंभीर संकेत…