लखनऊ (राष्ट्र की परम्परा)। बाबासाहेब भीमराव अम्बेडकर विश्वविद्यालय (बीबीएयू) में विश्व पर्यावरण दिवस पर पर्यावरण विज्ञान विभाग एवं एनबीआरआई-ईआईएसीपी द्वारा ‘इंस्पायर्ड बाय नेचर: फॉर क्लाइमेट, फॉर आवर फ्यूचर’ विषय पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने की जबकि मुख्य वक्ता के रूप में बॉम्बे नेचुरल हिस्ट्री सोसायटी के पूर्व निदेशक डॉ. असद रहमानी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में कुलपति प्रो. राज कुमार मित्तल ने कहा कि प्रकृति हमारे लिए माता के समान है और इसके संरक्षण की जिम्मेदारी हम सभी की है। उन्होंने युवाओं से पर्यावरण संरक्षण को जीवनशैली का हिस्सा बनाने तथा सतत विकास को बढ़ावा देने का आह्वान किया। उन्होंने शिक्षा, शोध और पर्यावरण उद्यमिता को भविष्य के विकास का आधार बताया।
मुख्य वक्ता डॉ. असद रहमानी ने जैव विविधता और पक्षी संरक्षण पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से पक्षियों की अनेक प्रजातियां प्रभावित हो रही हैं। उन्होंने पक्षियों के प्राकृतिक आवासों के संरक्षण और सतत विकास नीतियों को अपनाने पर बल दिया।

पर्यावरण विज्ञान विभागाध्यक्ष प्रो. वेंकटेश दत्ता ने नदी संरक्षण एवं पुनर्जीवन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए कहा कि नदियां केवल जल स्रोत नहीं बल्कि संपूर्ण पारिस्थितिकी तंत्र की आधारशिला हैं। उन्होंने विश्वविद्यालय द्वारा जैव विविधता संरक्षण, वृक्षारोपण और अपशिष्ट प्रबंधन के क्षेत्र में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी दी।
सीएसआईआर-एनबीआरआई के वैज्ञानिक डॉ. पंकज कुमार श्रीवास्तव ने सिंगल यूज प्लास्टिक और माइक्रोप्लास्टिक के बढ़ते खतरे पर चर्चा की। उन्होंने प्लास्टिक कचरे के प्रभावी प्रबंधन और पुनर्चक्रण को पर्यावरण संरक्षण के लिए आवश्यक बताया।
एनबीआरआई-ईआईएसीपी की डॉ. अंजू पटेल ने केंद्र की गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि संस्था पर्यावरण जागरूकता, हरित कौशल विकास, जैव विविधता संरक्षण और सतत जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए विभिन्न कार्यक्रम संचालित कर रही है।
इस अवसर पर प्रो. वेंकटेश दत्ता के मार्गदर्शन में तैयार ‘स्मॉलर रिवर रिस्टोरेशन गाइडबुक’ का विमोचन किया गया। प्रतिभागियों को मिशन लाइफ (लाइफस्टाइल फॉर एनवायरमेंट) की शपथ भी दिलाई गई।
विश्वविद्यालय के चिल्ड्रेन पार्क में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। प्रो. जी.सी. यादव, अमोद कुमार सिंह और डॉ. समीर दीक्षित के निर्देशन में लगभग 300 पौधे लगाए गए। कार्यक्रम में शिक्षक, कर्मचारी, शोधार्थी और बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।
