मऊ (राष्ट्र की परम्परा)प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक पारदर्शी, प्रभावी और जनहितकारी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए आज मुख्य विकास अधिकारी द्वारा विकास भवन स्थित विभिन्न विभागीय कार्यालयों का औचक निरीक्षण किया गया। इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने न केवल कार्यालयों की कार्यप्रणाली का जायजा लिया बल्कि अधिकारियों और कर्मचारियों की समयपालन, जनसुनवाई व्यवस्था और पत्रावलियों के रखरखाव की स्थिति का भी विस्तार से मूल्यांकन किया।
मुख्य विकास अधिकारी का औचक निरीक्षण प्रशासनिक सुदृढ़ता और जन शिकायतों के त्वरित समाधान की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अधिकारियों और कर्मचारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि वे नियमित रूप से समय से कार्यालय पहुंचें तथा अपने कर्तव्यों का ईमानदारी और जिम्मेदारी के साथ निर्वहन करें।
निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने विकास भवन के विभिन्न विभागों का भ्रमण किया। इस दौरान उन्होंने कार्यालयों में रखी महत्वपूर्ण पत्रावलियों की जांच की और दस्तावेजों के रखरखाव की गुणवत्ता का मूल्यांकन किया। उन्होंने पाया कि कई स्थानों पर रिकॉर्ड व्यवस्था को और बेहतर बनाए जाने की आवश्यकता है। इस पर उन्होंने संबंधित कार्यालय अध्यक्षों को निर्देश दिया कि पत्रावलियों का व्यवस्थित रखरखाव सुनिश्चित किया जाए, जिससे भविष्य में किसी भी प्रशासनिक या विभागीय कार्य में किसी प्रकार की असुविधा न हो।
मुख्य विकास अधिकारी ने विशेष रूप से जनसुनवाई व्यवस्था को लेकर अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक कार्यदिवस में निर्धारित समय सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक जनसुनवाई अवश्य आयोजित की जाए। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई सरकार और जनता के बीच संवाद का महत्वपूर्ण माध्यम है। यदि शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण किया जाता है तो प्रशासन के प्रति जनता का विश्वास मजबूत होता है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जनसुनवाई के दौरान प्राप्त होने वाली शिकायतों को केवल औपचारिकता के तौर पर दर्ज न किया जाए बल्कि उनका गंभीरता से अध्ययन करते हुए त्वरित और गुणवत्तापूर्ण समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
मुख्य विकास अधिकारी ने अधिकारियों और कर्मचारियों की उपस्थिति रजिस्टर की भी जांच की। उन्होंने पाया कि अधिकांश अधिकारी समय से उपस्थित थे, जिसे उन्होंने सराहा। साथ ही उन्होंने निर्देश दिया कि समयपालन प्रशासनिक अनुशासन का मूल आधार है और सभी कर्मचारियों को इसे गंभीरता से अपनाना होगा।
इस निरीक्षण के दौरान उन्होंने विभिन्न विभागों में संचालित विकास योजनाओं की अद्यतन प्रगति की भी जानकारी प्राप्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों से योजनाओं के क्रियान्वयन की वर्तमान स्थिति, लाभार्थियों तक पहुंच और योजनाओं में आ रही चुनौतियों के बारे में विस्तार से जानकारी ली। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचना ही प्रशासन का मुख्य उद्देश्य होना चाहिए।
उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जाए। साथ ही उन्होंने योजनाओं की नियमित समीक्षा करने और प्रगति रिपोर्ट समय से प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी योजना के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की बाधा आ रही है तो उसे तत्काल उच्च स्तर पर अवगत कराया जाए, जिससे समय रहते समाधान किया जा सके।
मुख्य विकास अधिकारी का औचक निरीक्षण कर्मचारियों और अधिकारियों के लिए प्रशासनिक सतर्कता का संदेश भी माना जा रहा है। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्यों में किसी भी प्रकार की ढिलाई विकास कार्यों को प्रभावित करती है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने दायित्वों का पूरी निष्ठा और पारदर्शिता के साथ निर्वहन करें।
उन्होंने यह भी कहा कि कार्यालयों में स्वच्छता और सुव्यवस्थित कार्य वातावरण बनाए रखना भी प्रशासनिक जिम्मेदारी का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि कार्यालय परिसर को साफ-सुथरा और व्यवस्थित रखा जाए, जिससे कर्मचारियों को बेहतर कार्य वातावरण मिल सके।
निरीक्षण के दौरान कर्मचारियों से संवाद करते हुए मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत बनाने में प्रत्येक कर्मचारी की भूमिका महत्वपूर्ण होती है। उन्होंने कर्मचारियों को प्रेरित करते हुए कहा कि वे अपने कार्यों को केवल जिम्मेदारी नहीं बल्कि सेवा भावना के साथ करें।
मुख्य विकास अधिकारी का औचक निरीक्षण प्रशासनिक सक्रियता और जवाबदेही को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। इस निरीक्षण के बाद यह उम्मीद जताई जा रही है कि विकास भवन के विभिन्न विभागों में कार्यप्रणाली और अधिक प्रभावी होगी तथा जन शिकायतों के समाधान में तेजी आएगी।
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार, भविष्य में भी इस प्रकार के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे ताकि सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और पारदर्शिता बनाए रखी जा सके। यह पहल न केवल प्रशासनिक व्यवस्था को मजबूत करेगी बल्कि जनता को बेहतर सेवाएं उपलब्ध कराने में भी सहायक सिद्ध होगी।
