Wednesday, February 18, 2026
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राफेल फैक्ट्री में कैमरा कांड, भारत को 114 जेट की मंजूरी

भारत द्वारा राफेल फाइटर जेट को ‘मेक इन इंडिया’ के तहत देश में बनाने की मंजूरी के बीच फ्रांस में बड़ा सुरक्षा उल्लंघन सामने आया है।

Dassault Aviation के मैन्युफैक्चरिंग प्लांट में एक कर्मचारी को कैमरा लगे चश्मे के साथ काम करते हुए पकड़ा गया है। बिना अनुमति रिकॉर्डिंग करने के आरोप में उसे हिरासत में लिया गया है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा मामला दर्ज करने की तैयारी की जा रही है।

राफेल प्लांट में सुरक्षा में बड़ी सेंध

Rafale 4.5 जेनरेशन का ओमनी-रोल फाइटर जेट है, जो परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम है। इसमें AESA रडार, उन्नत मिसाइल सिस्टम और आधुनिक एवियोनिक्स लगे हैं।

लड़ाकू विमानों में हथियारों और मिसाइलों का इंटीग्रेशन अत्यंत संवेदनशील तकनीक माना जाता है। यही वजह है कि कंपनी ने मामले को गंभीर मानते हुए आरोपी कर्मचारी को फ्रांसीसी पुलिस के हवाले कर दिया।

भारत में बनेगा राफेल, 114 विमानों को मंजूरी

Ministry of Defence ने 114 राफेल लड़ाकू विमानों के निर्माण को मंजूरी दी है। प्रस्ताव के तहत:

• 18 विमान सीधे फ्रांस से खरीदे जाएंगे
• 96 विमान भारत में ‘मेक इन इंडिया’ के तहत बनाए जाएंगे
• कुछ दो-सीटर विमान पायलट प्रशिक्षण के लिए होंगे

राफेल जैसे आधुनिक फाइटर जेट भारतीय वायुसेना की लंबी दूरी तक सटीक हमला करने की क्षमता को मजबूत करेंगे।

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कई देशों के पास है राफेल

राफेल फाइटर जेट भारत और फ्रांस के अलावा यूएई, मिस्र और इंडोनेशिया जैसे देशों की वायुसेना में भी शामिल है।

फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron इस समय भारत दौरे पर हैं। उनके दौरे से पहले भारत में राफेल निर्माण को मंजूरी मिलना रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

भारत-फ्रांस रक्षा सहयोग मजबूत

रक्षा मंत्री Rajnath Singh ने कहा कि भारत-फ्रांस साझेदारी असीमित है और दोनों देशों के बीच सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है।
उन्होंने बताया कि हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति मैक्रों ने डिजिटल माध्यम से H125 हेलीकॉप्टरों की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया।

रणनीतिक महत्व क्यों है बड़ा?

राफेल प्लांट में हुई यह सुरक्षा घटना ऐसे समय सामने आई है जब भारत में इसके निर्माण की प्रक्रिया को गति दी जा रही है। रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि हाई-टेक डिफेंस टेक्नोलॉजी से जुड़े प्लांट में किसी भी तरह की जासूसी या रिकॉर्डिंग की कोशिश गंभीर सुरक्षा जोखिम पैदा कर सकती है।

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