Tuesday, March 24, 2026
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यूपी खेल छात्रावासों में अंतर्राष्ट्रीय कोच की भर्ती, ₹1.5 लाख मासिक मानदेय

कुशीनगर, (राष्ट्र की परम्परा)उत्तर प्रदेश सरकार के खेल निदेशालय के अंतर्गत संचालित आवासीय क्रीड़ा छात्रावासों में खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी एवं प्रशिक्षकों से आवेदन आमंत्रित किए गए हैं। यह पहल प्रदेश के उभरते खिलाड़ियों को वैश्विक मानकों के अनुरूप तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
जिला क्रीड़ा अधिकारी रवि कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि यह भर्ती पूर्णतः मानदेय/संविदा के आधार पर की जाएगी। चयनित प्रशिक्षकों को खिलाड़ियों के तकनीकी विकास, फिटनेस और प्रतियोगी प्रदर्शन को बेहतर बनाने की जिम्मेदारी दी जाएगी। इस योजना के तहत विभिन्न खेलों के विशेषज्ञ प्रशिक्षकों को जोड़ा जाएगा, जिससे प्रदेश के खेल छात्रावासों की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार होने की उम्मीद है।
किन खेलों के लिए मांगे गए आवेदन
इस भर्ती प्रक्रिया के अंतर्गत कई प्रमुख खेलों को शामिल किया गया है, जिनमें हॉकी, वॉलीबाल, तैराकी, जिम्नास्टिक, एथलेटिक्स, बैडमिंटन, टेबल टेनिस, बास्केटबाल, कबड्डी, कुश्ती (बालक एवं बालिका वर्ग), हैंडबाल (बालिका वर्ग), फुटबॉल, बॉक्सिंग, क्रिकेट तथा जूडो (बालक वर्ग) शामिल हैं।
इन खेलों में अंतर्राष्ट्रीय अनुभव रखने वाले खिलाड़ी एवं प्रशिक्षक आवेदन कर सकते हैं। सरकार का उद्देश्य इन सभी खेलों में प्रतिभाओं को निखारना और राष्ट्रीय-अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन सुनिश्चित करना है।
आवेदन प्रक्रिया और अंतिम तिथि
इच्छुक अभ्यर्थियों को निर्धारित प्रारूप में आवेदन पत्र भरकर दो प्रतियों में जमा करना होगा। आवेदन पत्र जमा करने की अंतिम तिथि 13 अप्रैल 2026, दोपहर 12:00 बजे तक निर्धारित की गई है।
आवेदन पत्र संबंधित जिला क्रीड़ा अधिकारी कार्यालय से कार्यालय दिवसों में प्रातः 11:00 बजे से अपराह्न 2:00 बजे तक निःशुल्क प्राप्त किए जा सकते हैं। निर्धारित समय के बाद प्राप्त आवेदन पत्रों पर विचार नहीं किया जाएगा, इसलिए अभ्यर्थियों को समय सीमा का विशेष ध्यान रखना होगा।
मानदेय और सेवा अवधि
इस भर्ती के अंतर्गत चयनित अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षकों को आकर्षक मानदेय दिया जाएगा। प्रत्येक चयनित प्रशिक्षक को ₹1.50 लाख प्रति माह का मानदेय प्रदान किया जाएगा।
नियुक्ति की अवधि प्रारंभिक रूप से 3 वर्ष निर्धारित की गई है। हालांकि, प्रत्येक वर्ष प्रशिक्षकों के कार्य, अनुशासन, आचरण एवं खिलाड़ियों के प्रदर्शन के आधार पर मूल्यांकन किया जाएगा। संतोषजनक प्रदर्शन न होने की स्थिति में सेवाएं समाप्त की जा सकती हैं।
पात्रता और आवश्यक योग्यता
इस भर्ती के लिए वही अभ्यर्थी पात्र होंगे, जिन्होंने निम्नलिखित अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग लिया हो या संबंधित स्तर पर प्रशिक्षण दिया हो:
ओलंपिक गेम्स
कॉमनवेल्थ गेम्स
एशियन गेम्स
वर्ल्ड कप या वर्ल्ड चैंपियनशिप
इन प्रतियोगिताओं में पदक विजेताओं को प्राथमिकता दी जाएगी। इसके अलावा, पद्मश्री, खेल रत्न, अर्जुन पुरस्कार, द्रोणाचार्य पुरस्कार या ध्यानचंद पुरस्कार से सम्मानित खिलाड़ी/प्रशिक्षक भी आवेदन के पात्र हैं।
साथ ही, ऐसे प्रशिक्षक जिन्होंने भारतीय टीम को ओलंपिक, विश्वकप, एशियन या कॉमनवेल्थ गेम्स में प्रशिक्षण दिया है, उन्हें भी वरीयता दी जाएगी।
शैक्षणिक योग्यता के रूप में अभ्यर्थी का किसी मान्यता प्राप्त विश्वविद्यालय से न्यूनतम स्नातक उत्तीर्ण होना अनिवार्य है।
चयन प्रक्रिया और शर्तें
यह नियुक्ति पूरी तरह से संविदा/मानदेय आधारित होगी और भविष्य में नियमितीकरण का कोई दावा मान्य नहीं होगा। चयनित प्रशिक्षकों को खेल छात्रावासों में रहकर खिलाड़ियों को प्रशिक्षण देना होगा तथा आवश्यकता अनुसार प्रतियोगिताओं और अन्य खेल गतिविधियों में भी सहयोग करना होगा।
यदि नियुक्ति के बाद किसी भी प्रकार की प्रतिकूल जानकारी सामने आती है, तो सेवाएं तत्काल समाप्त की जा सकती हैं। इसलिए अभ्यर्थियों को सभी दस्तावेजों और जानकारी को सही एवं प्रमाणित रूप में प्रस्तुत करना आवश्यक होगा।
खिलाड़ियों को होगा बड़ा फायदा
इस योजना के लागू होने से प्रदेश के खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों का मार्गदर्शन मिलेगा, जिससे उनकी तकनीकी दक्षता और मानसिक मजबूती में वृद्धि होगी। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे उत्तर प्रदेश के खिलाड़ी आने वाले वर्षों में राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर सकेंगे।
खेल छात्रावासों में पहले से मौजूद संसाधनों के साथ जब अंतर्राष्ट्रीय अनुभव वाले प्रशिक्षकों का सहयोग मिलेगा, तो यह प्रदेश के खेल ढांचे को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में मदद करेगा।
कैसे करें तैयारी
जो अभ्यर्थी इस अवसर का लाभ उठाना चाहते हैं, उन्हें चाहिए कि वे अपने सभी प्रमाण पत्र, अंतर्राष्ट्रीय भागीदारी से संबंधित दस्तावेज और शैक्षणिक प्रमाण पत्र पहले से तैयार रखें। आवेदन पत्र भरते समय किसी भी प्रकार की त्रुटि से बचें और समय सीमा से पहले जमा करें।
निष्कर्ष
उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा खेल छात्रावासों में अंतर्राष्ट्रीय प्रशिक्षकों की भर्ती का यह कदम प्रदेश के खेल परिदृश्य को मजबूत बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे न केवल खिलाड़ियों को उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा, बल्कि प्रदेश को खेलों में नई पहचान भी मिलेगी।

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