अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। Ayatollah Ali Khamenei की मौत के बाद अब संघर्ष का केंद्र ईरान की नौसेना बन गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने दावा किया है कि अमेरिकी सेना ने ईरान के 9 नेवल जहाजों को नष्ट कर समुद्र में डुबो दिया है। उन्होंने यह भी कहा कि बाकी जहाजों को भी जल्द निशाना बनाया जाएगा।
‘नेवी हेडक्वार्टर लगभग तबाह’
ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर पोस्ट करते हुए कहा कि एक अन्य हमले में ईरान के नेवी हेडक्वार्टर को लगभग पूरी तरह नष्ट कर दिया गया है। उनके अनुसार, ऑपरेशन तेजी से आगे बढ़ रहा है और ईरान की समुद्री क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंचा है।
‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ और अब्राहम लिंकन विवाद
ईरान की सरकारी एजेंसी IRNA ने IRGC के हवाले से दावा किया कि ‘ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4’ के तहत अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर पर मिसाइल हमला किया गया।
हालांकि अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने इस दावे को खारिज करते हुए कहा कि USS Abraham Lincoln पर कोई सफल हमला नहीं हुआ और दागी गई मिसाइलें लक्ष्य के करीब भी नहीं पहुंच सकीं।
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48 ईरानी नेताओं के मारे जाने का दावा
1 मार्च 2026 को दिए इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के खिलाफ अभियान में अब तक 48 शीर्ष नेता और सैन्य अधिकारी मारे जा चुके हैं। फॉक्स न्यूज और CNBC से बातचीत में उन्होंने कहा कि ईरान के नए नेतृत्व ने बातचीत की इच्छा जताई है, जिसे अमेरिका ने स्वीकार कर लिया है।
सत्ता संकट और अनिश्चित भविष्य
खामेनेई की मौत के बाद तेहरान की सत्ता संरचना को लेकर अनिश्चितता गहरा गई है। अमेरिकी सांसदों ने संकेत दिए हैं कि सैन्य कार्रवाई जारी रहेगी। अमेरिकी सीनेट इंटेलिजेंस कमेटी के चेयरमैन टॉम कॉटन ने कहा कि आने वाले दिनों में ईरान की मिसाइल क्षमता और लॉन्च सिस्टम पर सुनियोजित कार्रवाई देखने को मिलेगी।
दूसरी ओर, तेहरान इन हमलों को अवैध आक्रामकता बता रहा है। विरोधाभासी बयानों के बीच यह स्पष्ट है कि ईरान में नेतृत्व परिवर्तन और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर हालात बेहद संवेदनशील बने हुए हैं।
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