Wednesday, February 11, 2026
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महाशिवरात्रि 2026: तमसा तट पर सजा बारह दुवारिया शिव मंदिर, श्रीराम कथा में उमड़ी श्रद्धा

मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। महाशिवरात्रि का पर्व नजदीक आते ही कोपागंज ब्लॉक के नौसेमर गांव स्थित तमसा नदी तट पर बसे ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व के बारह दुवारिया शिव मंदिर में श्रद्धालुओं की आस्था चरम पर पहुंच गई है। संभावित भीड़ को देखते हुए मंदिर परिसर की रंगाई-पुताई और व्यवस्थाएं पूरी कर ली गई हैं।

मंदिर प्रबंधक भुवाल यादव ने बताया कि महाशिवरात्रि के उपलक्ष्य में पांच दिवसीय श्रीराम कथा का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु धर्मलाभ के लिए पहुंच रहे हैं।

श्रीराम कथा में गूंजा जीवन दर्शन

कथा के दूसरे दिन कथावाचक रितेश जी महाराज ने मानव जीवन के उद्देश्य, सत्य, प्रकाश और भक्ति मार्ग पर विस्तार से प्रवचन दिया।

उन्होंने कहा कि मनुष्य जीवन अत्यंत दुर्लभ है और इसे सत्य की ओर अग्रसर होने, अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने तथा मोक्ष की प्राप्ति के लिए मिला है। माता को प्रथम गुरु बताते हुए उन्होंने शिव-पार्वती विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया।

उन्होंने कहा कि नारद मुनि के मार्गदर्शन में माता पार्वती ने कठोर तप कर भगवान शिव को प्राप्त किया। भगवान श्रीराम और महादेव के बीच सेवक, स्वामी और सखा का अटूट संबंध है।

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पौराणिक मान्यता से जुड़ा है मंदिर

तमसा तट पर स्थित यह मंदिर ‘बरदुअरिया’ नाम से भी प्रसिद्ध है, क्योंकि इसके गर्भगृह में बारह द्वार हैं। मान्यता है कि वनवास के दौरान भगवान श्रीराम ने यहीं विश्राम किया और शिवलिंग की स्थापना की थी।

किंवदंती के अनुसार वर्ष 1718 में गाजीपुर के व्यापारी जंगबहादुर जायसवाल को यहां शिवलिंग के दर्शन हुए, जिसके बाद मंदिर का निर्माण कराया गया।

सावन और सोमवार को उमड़ती है भीड़

सावन माह में यहां गंगाजल से जलाभिषेक के लिए कांवड़ियों का सैलाब उमड़ता है। प्रत्येक सोमवार को सत्यनारायण कथा का आयोजन होता है, जिसमें श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटती है।

कथा आयोजन में भुवाल यादव, रामबिलास, गुड्डू, रमेश चंद, विनोद सिंह, विशुनदेव, बनारसी, रामबृक्ष, नन्हकू दास सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
महाशिवरात्रि के निकट आते ही पूरे क्षेत्र में भक्ति और उत्सव का वातावरण बन गया है।

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