बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के ग्रामसभा डूहा बिहरा स्थित डेरा पर बुधवार को सम्राट राष्ट्रवीर महाराजा सुहेलदेव राजभर की 1017वीं जयंती श्रद्धा, उत्साह और सम्मान के साथ मनाई गई। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में क्षेत्रीय नागरिकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं युवाओं की सहभागिता रही। पूरे आयोजन का वातावरण राष्ट्रभक्ति और सामाजिक एकता के भाव से ओतप्रोत रहा।समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में सांसद रमाशंकर राजभर को शामिल होना था, लेकिन संसद सत्र चलने के कारण वे कार्यक्रम में उपस्थित नहीं हो सके। उन्होंने अपने संदेश के माध्यम से उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए महाराजा सुहेलदेव के आदर्शों पर चलने तथा समाज को संगठित रखने का आह्वान किया।कार्यक्रम में विशिष्ट अतिथि के रूप में सुनीता राजभर जी एवं डॉ. सतीश राजभर जी उपस्थित रहे। सभी अतिथियों ने महाराजा सुहेलदेव के चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की और उनके अदम्य साहस, वीरता तथा राष्ट्र रक्षा में दिए गए अमूल्य योगदान को स्मरण किया।
वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि महाराजा सुहेलदेव ने विदेशी आक्रमणकारियों से देश की रक्षा कर समाज को गौरव प्रदान किया। उनका जीवन संघर्ष, त्याग और राष्ट्रप्रेम की अनुपम मिसाल है, जो आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत है।कार्यक्रम के आयोजक रामजीत राजभर ‘पम्पी’ ने बताया कि हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी जयंती समारोह का आयोजन किया गया। उन्होंने कहा कि महाराजा सुहेलदेव की जयंती बसंत पंचमी के दिन होती है, किंतु विशेष परिस्थितियों के कारण इस बार कार्यक्रम अन्य तिथि पर आयोजित किया गया।समारोह में उपस्थित लोगों ने महाराजा सुहेलदेव के बताए मार्ग पर चलने और समाज में एकता, भाईचारा तथा राष्ट्रप्रेम की भावना को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। पूरा कार्यक्रम श्रद्धा, सम्मान और प्रेरणा से परिपूर्ण रहा।
