Tuesday, April 14, 2026
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बाबा साहब आंबेडकर जयंती पर डीएम दीपक मीणा ने अर्पित की श्रद्धांजलि

संविधान, समानता और सामाजिक न्याय के प्रतीक को किया नमन अधिकारियों-कर्मचारियों ने लिया संकल्प

गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)
भारत रत्न, भारतीय संविधान के शिल्पकार एवं सामाजिक न्याय के अग्रदूत डॉ. भीमराव आंबेडकर की जयंती के अवसर पर मंगलवार को जिलाधिकारी दीपक मीणा ने अपने सहयोगी अधिकारियों एवं कर्मचारियों के साथ उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में बाबा साहब के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर उनके महान व्यक्तित्व एवं कृतित्व को स्मरण किया गया।
जिलाधिकारी दीपक मीणा ने कहा कि डॉ. आंबेडकर का जीवन संघर्ष, शिक्षा, समानता और अधिकारों की स्थापना का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने अपने कठिन परिश्रम, विद्वता और दूरदर्शिता से भारतीय संविधान का निर्माण कर देश को एक सशक्त लोकतांत्रिक आधार प्रदान किया। उनके द्वारा रचित संविधान ने हर नागरिक को समान अधिकार, न्याय और गरिमा के साथ जीने का अधिकार सुनिश्चित किया।
डीएम ने कहा कि बाबा साहब ने समाज के वंचित, शोषित और पिछड़े वर्गों को मुख्यधारा से जोड़ने का कार्य किया। उन्होंने सामाजिक भेदभाव, छुआछूत और असमानता के खिलाफ आजीवन संघर्ष किया और एक समतामूलक समाज की नींव रखी। आज उनका विचार “शिक्षित बनो, संगठित रहो और संघर्ष करो” समाज के हर वर्ग के लिए प्रेरणास्रोत है।
उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों से आह्वान किया कि वे बाबा साहब के आदर्शों को अपने कार्य व्यवहार में उतारें और शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में पूरी निष्ठा के साथ कार्य करें। डीएम ने कहा कि प्रशासन का दायित्व है कि वह पारदर्शिता, संवेदनशीलता और न्याय के सिद्धांतों पर चलते हुए जनसेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दे।
इस अवसर पर एडीएम वित्त विनीत कुमार सिंह, एडीएम सिटी अंजनी कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी हिमांशु वर्मा, सिटी मजिस्ट्रेट उत्कर्ष श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने बाबा साहब के विचारों को आत्मसात करने और सामाजिक समरसता को मजबूत करने का संकल्प लिया।
कार्यक्रम के दौरान बाबा साहब के जीवन, उनके संघर्षों और राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर विस्तार से चर्चा की गई। उपस्थित अधिकारियों ने कहा कि डॉ. आंबेडकर का योगदान केवल संविधान निर्माण तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्होंने भारत को एक आधुनिक, समतामूलक और न्यायपूर्ण समाज बनाने की दिशा दिखाई।

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