Wednesday, February 18, 2026
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पूर्वांचल में 3251 लड़कियां लापता, 406 की तलाश जारी

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। पूर्वांचल के नौ जिलों में वर्ष 2025 के दौरान लड़कियों के लापता होने के मामलों ने गंभीर चिंता पैदा कर दी है। 1 जनवरी 2025 से 31 दिसंबर 2025 तक कुल 3251 लड़कियां घर से गायब हुईं। यानी औसतन हर दिन करीब 9 लड़कियां लापता होने का आंकड़ा सामने आया।

पुलिस के प्रयासों से अब तक 2845 लड़कियों को बरामद किया जा चुका है, जबकि 406 की तलाश जारी है।

जिलावार स्थिति: आजमगढ़ सबसे ऊपर

आंकड़ों के अनुसार:

• Azamgarh – 962 मामले (सबसे अधिक)
• Sonbhadra – 33 मामले (सबसे कम)
• Ballia सहित अन्य जिलों में भी सैकड़ों मामले दर्ज
पुलिस सूत्रों का कहना है कि अधिकांश मामलों में नाबालिग लड़कियां शामिल हैं।

पुलिस की कार्रवाई और चुनौतियां

पुलिस के मुताबिक:

• गुमशुदगी की सूचना मिलते ही मुकदमा दर्ज
• विशेष टीम गठित कर मोबाइल लोकेशन ट्रेस
• संभावित ठिकानों पर दबिश
• कई मामलों में दूसरे जिलों या राज्यों में लोकेशन

बाहर से बरामदगी में समय और खर्च बढ़ जाता है। विभागीय प्रावधान होने के बावजूद जटिल प्रक्रिया के कारण कम लोग लाभ उठा पाते हैं।

Omveer Singh (एसपी बलिया) ने बताया कि लड़कियों और महिलाओं की गुमशुदगी के मामलों को प्राथमिकता पर लिया जाता है और लगातार निगरानी रखी जाती है।

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विशेषज्ञों की राय: संवाद की कमी भी कारण

TD College Ballia के मनोविज्ञान विभाग के डॉ. अनुराग भटनागर के अनुसार किशोरावस्था में:

• भावनात्मक अस्थिरता
• पारिवारिक डांट-फटकार
• प्रेम प्रसंग
• सोशल मीडिया और वेब सीरीज का प्रभाव
घर छोड़ने के प्रमुख कारण हो सकते हैं।

विशेषज्ञों का कहना है कि अभिभावकों को बेटियों के साथ मित्रवत संवाद रखना चाहिए और उनकी समस्याओं को समझने का प्रयास करना चाहिए।

सामाजिक चेतावनी

पुलिस सूत्रों के अनुसार कई मामलों में लड़कियां अपनी मर्जी से घर छोड़ती हैं, कुछ मामलों में जेवर और नगदी साथ ले जाने की बात भी सामने आती है। हालांकि हर केस की परिस्थितियां अलग होती हैं।

लगातार बढ़ते मामलों ने पारिवारिक संवाद, सामाजिक जागरूकता और प्रशासनिक सतर्कता की आवश्यकता को और मजबूत किया है।

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