यातायात पुलिस की सख्तीः 86 हजार रुपये का जुर्माना वसूला, अभिभावकों को दी चेतावनी
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के उद्देश्य से यातायात पुलिस ने शुक्रवार को जनपद के विभिन्न प्रमुख मार्गों और चौराहों पर सघन जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान नाबालिगों द्वारा संचालित मिट्टी लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली तथा अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर लगी बुलेट मोटरसाइकिल के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की गई। पुलिस की इस कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप मचा रहा।
चेकिंग के दौरान यातायात पुलिस ने कई वाहनों की जांच की। इसी दौरान दो मिट्टी लदे ट्रैक्टर-ट्रॉली ऐसे पाए गए जिन्हें नाबालिग चालक चला रहे थे। पुलिस अधिकारियों ने इसे सड़क सुरक्षा नियमों का गंभीर उल्लंघन मानते हुए तत्काल कार्रवाई की। जांच में यह भी सामने आया कि नाबालिग चालकों के पास वाहन चलाने का वैध लाइसेंस नहीं था, जिससे दुर्घटना की आशंका और बढ़ जाती है।
अभियान के दौरान एक बुलेट मोटरसाइकिल भी पकड़ी गई, जिसमें अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर लगाया गया था। इस प्रकार के साइलेंसर से अत्यधिक तेज आवाज निकलती है, जिससे ध्वनि प्रदूषण फैलता है और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुलिस ने मोटरसाइकिल को कब्जे में लेकर नियमानुसार कार्रवाई की।
यातायात पुलिस ने बताया कि सड़क सुरक्षा को प्रभावित करने वाले मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। अभियान के दौरान कुल तीन वाहनों को सीज किया गया तथा वाहन स्वामियों एवं चालकों के विरुद्ध मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई करते हुए 86 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया। नाबालिग बच्चों को वाहन चलाने के लिए देना न केवल कानून का उल्लंघन है, बल्कि उनके जीवन और अन्य राहगीरों की सुरक्षा के लिए भी खतरा है। ऐसे मामलों में वाहन स्वामियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जा रही है। वहीं मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर वाहन चलाने वालों पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है।
यातायात विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने नाबालिग बच्चों को किसी भी परिस्थिति में वाहन न सौंपें। साथ ही वाहन स्वामी अपने वाहनों में अवैध संशोधन कराने से बचें। विभाग ने चेतावनी दी है कि सड़क सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी लगातार अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की जाएगी।
यातायात पुलिस की इस कार्रवाई को सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि नियमों का पालन कर ही सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सकती है और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित की जा सकती है।
