नशामुक्त भारत के लिए युवाओं से जुड़े प्रधानमंत्री, महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में सुना गया वर्चुअल संबोधन
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। महायोगी गोरखनाथ विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के तत्वावधान में “नशामुक्त युवा फॉर विकसित भारत” कार्यक्रम के तहत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्चुअल संबोधन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करते हुए नशामुक्त, स्वस्थ और विकसित भारत के निर्माण के लिए प्रेरित करना था।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्व प्रचारक सिंह पाल सिंह ने कहा कि नशामुक्त युवा ही सशक्त समाज और विकसित भारत की मजबूत नींव हैं। उन्होंने विद्यार्थियों से नशीले पदार्थों से दूर रहने और समाज में भी इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी शक्ति हैं और उनकी सकारात्मक ऊर्जा देश के विकास की गति को नई दिशा दे सकती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने वर्चुअल संबोधन में कहा कि “नशे से दूर रहकर अपनी ऊर्जा और प्रतिभा को राष्ट्र निर्माण में लगाना ही युवाओं का सच्चा दायित्व है।” उन्होंने युवाओं से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने, सकारात्मक गतिविधियों से जुड़ने और नशामुक्त भारत अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि नशा केवल व्यक्ति के जीवन को ही नहीं, बल्कि परिवार और समाज की प्रगति को भी प्रभावित करता है। विकसित भारत के संकल्प को साकार करने के लिए युवाओं को अपनी ऊर्जा और क्षमता का सकारात्मक दिशा में उपयोग करना चाहिए।
कार्यक्रम में एनएसएस के कार्यक्रम समन्वयक डॉ. धनंजय पांडेय, कार्यक्रम अधिकारी रवि निषाद, अनिल कुमार पटेल, श्रद्धा सिंह तथा स्वास्थ्य एवं जीवन विज्ञान संकाय के लगभग 400 विद्यार्थी और स्वयंसेवक उपस्थित रहे। सभी प्रतिभागियों ने नशामुक्त समाज और विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प लिया।
