Saturday, March 21, 2026
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नव निर्माण के नौ वर्ष: कृषि क्षेत्र में बदलाव की नई इबारत, 4 लाख किसानों को मिला सम्मान निधि का लाभ

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। प्रदेश सरकार के नव निर्माण के नौ वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में विकास भवन परिसर में आयोजित कार्यक्रम के चौथे दिन कृषि सेक्टर को केंद्र में रखते हुए विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों पर आधारित कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ जिलाधिकारी एवं मुख्य विकास अधिकारी के स्वागत के साथ हुआ, जहां अधिकारियों को पुष्पगुच्छ भेंट कर सम्मानित किया गया।
जिलाधिकारी ने सभागार में उपस्थित किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि बीते नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश ने विकास के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के लक्ष्य की दिशा में प्रदेश तेजी से अग्रसर है, जिसमें महराजगंज जनपद भी सक्रिय भागीदारी निभा रहा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य, शिक्षा, अवसंरचना, पर्यटन के साथ-साथ कृषि क्षेत्र में भी उल्लेखनीय कार्य हुए हैं।
कृषि क्षेत्र की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए जिलाधिकारी ने बताया कि जनपद में लगभग 4 लाख किसानों को किसान सम्मान निधि की 22वीं किश्त का लाभ मिला है। वहीं 1,34,700 से अधिक किसानों को प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत 297.72 लाख रुपये की क्षतिपूर्ति प्रदान की गई। गन्ना किसानों को 890 करोड़ रुपये का भुगतान किया गया, जबकि करीब 1.28 लाख किसान सहकारी समितियों से जुड़कर उनके सशक्तिकरण में योगदान दे रहे हैं।
उन्होंने बताया कि जनपद में निराश्रित गोवंश संरक्षण के लिए 31 केंद्र स्थापित किए गए हैं तथा 95 लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया गया है। न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) योजना के तहत 3,78,204 किसानों से धान की खरीद की गई, जबकि 1,78,847 किसानों से गेहूं की खरीद सुनिश्चित कर उन्हें समयबद्ध भुगतान किया गया। इसके अलावा पशुपालन, मत्स्य पालन और दुग्ध विकास से संबंधित योजनाओं के माध्यम से भी किसानों को व्यापक लाभ पहुंचाया गया है।
उन्होंने किसानों को रासायनिक उर्वरकों के सीमित उपयोग की सलाह देते हुए मृदा स्वास्थ्य कार्ड योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने का आह्वान किया। उन्होंने जैविक एवं वैज्ञानिक खेती को अपनाने पर जोर देते हुए कहा कि इससे न केवल भूमि की उर्वरता बनी रहेगी,बल्कि उत्पादन और आय में भी वृद्धि होगी। साथ ही किसानों को पारंपरिक खेती के साथ पशुपालन, मत्स्य पालन और डेयरी जैसे व्यवसाय अपनाने के लिए प्रेरित किया।
इस अवसर पर राष्ट्रीय वानिकी दिवस के महत्व पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि वन, जल और भूमि हमारे जीवन के आधार हैं,जिनका संरक्षण हम सभी की जिम्मेदारी है। उन्होंने उपस्थित लोगों को गंगा शपथ भी दिलाई और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।
मुख्य विकास अधिकारी ने कहा कि नव निर्माण के नौ वर्ष कार्यक्रम के अंतर्गत प्रतिदिन अलग-अलग सेक्टरों में कार्यक्रम आयोजित कर लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जा रही है। इसका उद्देश्य जहां लाभार्थियों को जागरूक करना है, वहीं वंचित लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना भी है। उन्होंने कृषि क्षेत्र में हुए बदलावों को सराहते हुए किसानों से व्यवसायिक खेती की ओर अग्रसर होने की अपील की।
कार्यक्रम में उपनिदेशक कृषि, जिला कृषि अधिकारी तथा पशुपालन, मत्स्य और रेशम विभाग के अधिकारियों ने भी योजनाओं की जानकारी दी।
कार्यक्रम के अंत में जिलाधिकारी ने विकास भवन परिसर में रुद्राक्ष का पौधा रोपित कर वृक्षारोपण और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। उन्होंने सभी से प्रति वर्ष कम से कम एक पौधा लगाने की अपील की।
इस दौरान मुख्य विकास अधिकारी, परियोजना निदेशक, जिला सूचना अधिकारी, प्रोबेशन अधिकारी, क्षेत्रीय वनाधिकारी सहित बड़ी संख्या में किसान एवं अन्य लोग उपस्थित रहें। कार्यक्रम का संचालन पंकज मौर्या द्वारा किया गया।

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