बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। जनगणना 2027 के सफल क्रियान्वयन के लिए जिला प्रशासन ने तैयारियों को गति दे दी है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति की बैठक जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह की अध्यक्षता में आयोजित हुई, जिसमें पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सटीक और पूर्णतः डिजिटल माध्यम से संपन्न कराने की रणनीति तय की गई।
जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना 2027 स्वतंत्रता के बाद देश की आठवीं जनगणना होगी और इसे इस बार पूरी तरह डिजिटल एवं पेपरलेस स्वरूप में कराया जाएगा। नागरिकों को मोबाइल ऐप के माध्यम से स्वयं अपना विवरण दर्ज करने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए अधिकृत ऐप डाउनलोड कर आवश्यक जानकारियां भरनी होंगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आमजन को डिजिटल प्रक्रिया और स्वप्रविष्टि (Self Enumeration) के बारे में व्यापक स्तर पर जागरूक किया जाए।
बैठक में जानकारी दी गई कि जनगणना कार्य के लिए सुपरवाइजर और इन्वेस्टिगेटर (गणनाकर्मी) नियुक्त किए जाएंगे। मास्टर ट्रेनर द्वारा इनका प्रशिक्षण चरणबद्ध ढंग से कराया जाएगा। प्रशिक्षण की शुरुआत सुपरवाइजर स्तर से होगी, ताकि वे अपने अधीनस्थ गणनाकर्मियों को प्रभावी मार्गदर्शन दे सकें। जिलाधिकारी ने समयबद्ध प्रशिक्षण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
जनगणना कार्य में शिक्षक, लेखपाल और विभिन्न विभागों के कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी, हालांकि यह सुनिश्चित किया जाएगा कि नियमित शासकीय कार्य प्रभावित न हों। जिलाधिकारी ने कहा कि यह राष्ट्रीय महत्व का दायित्व है, इसलिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करना होगा।
जिला स्तरीय जनगणना समन्वय समिति में मुख्य विकास अधिकारी, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला सूचना विज्ञान अधिकारी, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी, जिला पंचायत राज अधिकारी सहित अन्य अधिकारी शामिल रहेंगे। समिति के सदस्यों के नाम शीघ्र उपलब्ध कराने के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए गए।
बैठक में सीडीओ ओजस्वी राज, एडीएम अनिल कुमार सहित अन्य अधिकारी मौजूद रहे। प्रशासन ने विश्वास जताया कि जनगणना 2027 को तकनीकी रूप से मजबूत, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने के लिए सभी तैयारियां समय पर पूरी कर ली जाएंगी।
