निचलौल रेफर के बाद जिला अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम, रेस्क्यू टीम ने कोबरा पकड़ कर जंगल में छोड़ा
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ठूठीबारी कोतवाली क्षेत्र के ग्राम पंचायत बोंदना में शनिवार को जहरीले कोबरा के डंसने से 10 वर्षीय मासूम बच्ची की मौत हो गई। इस हृदयविदारक घटना से पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई, जबकि मृतक बच्ची के परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में हर किसी की जुबान पर इस दर्दनाक हादसे की चर्चा है। । जानकारी के अनुसार, बोंंदना गांव निवासी जयप्रकाश गौड़ की 10 वर्षीय पुत्री सपना शनिवार को अपने घर के अंदर थी। इसी दौरान घर में कहीं छिपे बैठे जहरीले कोबरा ने अचानक उसे डंस लिया। सांप के काटते ही बच्ची तेज दर्द से चीखने लगी। उसकी आवाज सुनकर परिजन और आस-पास के लोग दौड़ कर मौके पर पहुंचे। बच्ची की हालत बिगड़ती देख परिजन बिना समय गंवाए उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निचलौल लेकर पहुंचे।
चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद बच्ची की गंभीर स्थिति को देखते हुए तत्काल जिला अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसे एंबुलेंस से जिला अस्पताल ले जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही मासूम सपना ने दम तोड़ दिया। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह खबर मिलते ही परिवार पर दुःखों का पहाड़ टूट पड़ा। मां समेत अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
घटना की सूचना मिलते ही ठूठीबारी कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हल्का लेखपाल प्रवीण पासवान ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक जानकारी जुटाई तथा शासन स्तर पर मिलने वाली सहायता के संबंध में औपचारिकताएं शुरू कराईं।
इधर, घर में जहरीले कोबरा के होने की सूचना मिलते ही पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीण अपने-अपने घरों से बाहर निकल आए और बच्चों को घरों के अंदर रहने की हिदायत देने लगे। सूचना मिलने पर साहनी रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। टीम ने काफी देर तक खोजबीन और मशक्कत के बाद जहरीले कोबरा को सुरक्षित पकड़ लिया। इसके बाद उसे आबादी से दूर जंगल में छोड़ दिया गया। कोबरा के पकड़े जाने के बाद ग्रामीणों ने राहत की सांस ली।
ग्रामीणों का कहना है कि बरसात के मौसम में गांवों में अक्सर जहरीले सांप निकल आते हैं। ऐसे में लोगों को विशेष सतर्क रहने की आवश्यकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से गांवों में जागरूकता अभियान चलाने और आवश्यक बचाव उपायों की जानकारी उपलब्ध कराने की मांग की है।
मासूम सपना की असमय मौत ने पूरे गांव को गमगीन कर दिया है। घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण शोक संतप्त परिवार के घर पहुंच कर उन्हें ढांढस बंधा रहे हैं।
