मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। जनपद के कोपागंज कस्बा क्षेत्र में थाने के पीछे स्थित ऐतिहासिक व धार्मिक पोखरे के सुंदरीकरण का कार्य घटिया निर्माण पाए जाने के कारण पिछले छह माह से बंद पड़ा है। नगर पंचायत ने गुणवत्ता विहीन कार्य को देखते हुए निर्माण कार्य रुकवा दिया है और संबंधित ठेकेदार को ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
81 लाख रुपये से होना था धार्मिक पोखरे का सुंदरीकरण
नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा के प्रयास से फरवरी 2025 में शासन द्वारा लगभग 81 लाख रुपये की धनराशि धार्मिक पोखरे के सुंदरीकरण के लिए स्वीकृत की गई थी। धनराशि मिलने के बाद ठेकेदार ने निर्माण कार्य शुरू कराया, लेकिन स्थानीय लोगों ने निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए।
लोगों का आरोप था कि निर्माण में मानक के अनुरूप सामग्री का उपयोग नहीं किया जा रहा है, जिससे कार्य की गुणवत्ता प्रभावित हो रही है।
जांच में गुणवत्ता विहीन निर्माण की पुष्टि
अधिशासी अधिकारी छोटेलाल त्रिपाठी ने बताया कि निरीक्षण के दौरान प्रयुक्त सामग्री मानक के अनुरूप नहीं पाई गई। इसके बाद संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव उच्चाधिकारियों को भेजा गया है।
उन्होंने कहा कि स्वीकृति मिलते ही आगे की प्रक्रिया पूरी कराई जाएगी और नए सिरे से निर्माण कार्य शुरू कराया जाएगा।
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धार्मिक आस्था से जुड़ा है पोखरा
कस्बावासियों के अनुसार यह पोखरा धार्मिक आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां वर्ष भर स्नान, पूजा-पाठ और छठ पूजा जैसे आयोजन होते हैं। छठ पर्व के दौरान नगर पंचायत द्वारा अस्थायी व्यवस्था की गई थी, लेकिन पर्व समाप्त होते ही निर्माण कार्य दोबारा ठप हो गया।
कार्य लंबे समय से बंद रहने के कारण लोगों में नाराजगी बनी हुई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय पर गुणवत्तापूर्ण सुंदरीकरण पूरा हो जाता तो श्रद्धालुओं और नगरवासियों को बेहतर सुविधाएं मिलतीं।
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