Thursday, April 2, 2026
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ग्राम सभा हथौज में मकान गिराने की कार्रवाई के बाद युवक की मौत, प्रशासन पर उठे सवाल


बलिया(राष्ट्र की परम्परा)
सिकन्दरपुर तहसील के अंतर्गत ग्राम सभा हथौज में राजस्व विभाग और पुलिस की कार्रवाई के बाद एक दुखद घटना सामने आई है। आरोप है कि दिनांक 3 फरवरी 2026 को प्रशासन की टीम गांव में कथित अतिक्रमण हटाने पहुंची थी, जहां उन्होंने कुछ मकानों को गिराने की कार्रवाई की। इस दौरान स्थानीय निवासी राम गोविन्द का घर भी गिरा दिया गया, जबकि परिजनों का दावा है कि उनके खिलाफ न तो कोई स्पष्ट न्यायालय आदेश था और न ही पूर्व में कोई नोटिस दी गई थी।ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन ने अपनी कार्रवाई को उच्च न्यायालय के आदेश का अनुपालन बताया, लेकिन आरोप है कि उस आदेश का सही तरीके से पालन नहीं किया गया। बताया जा रहा है कि गांव में अन्य लोगों के मकान, जिन पर भी विवाद था, उन्हें नहीं गिराया गया, जिससे पक्षपात के आरोप भी सामने आए हैं।राम गोविन्द के परिवार और ग्रामीणों का कहना है कि उनका घर उनके जीवनभर की जमा पूंजी से बना था। घर टूटने के बाद वे गहरे मानसिक तनाव में आ गए। लगातार चिंता और आर्थिक संकट के कारण उनकी हालत बिगड़ती गई और अंततः 31 मार्च 2026 को उनकी मृत्यु हो गई। परिजनों का आरोप है कि यह मौत सीधे तौर पर प्रशासन की कठोर और कथित रूप से अवैध कार्रवाई का परिणाम है।घटना के बाद गांव में आक्रोश का माहौल है। ग्रामीणों ने प्रशासन पर मनमानी और गरीबों के साथ अन्याय करने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यदि किसी के खिलाफ कार्रवाई करनी थी तो नियमों के तहत नोटिस देकर और उचित कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए की जानी चाहिए थी।परिवार ने इस मामले की निष्पक्ष जांच और दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग
है। साथ ही, उन्होंने पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता और न्याय दिलाने की भी अपील की है।
यह घटना न केवल प्रशासनिक कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े करती है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि कानून का पालन करते समय संवेदनशीलता और पारदर्शिता कितनी आवश्यक है। अब देखना होगा कि शासन-प्रशासन इस मामले को किस प्रकार संज्ञान में लेकर आगे की कार्रवाई करता है।

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