Wednesday, February 4, 2026
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कुशीनगर सदर तहसील में महिला जनसुनवाई, 40 मामलों की हुई सुनवाई

कुशीनगर।(राष्ट्र की परम्परा)
प्रदेश में महिलाओं के खिलाफ होने वाले उत्पीड़न की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने और पीड़ित महिलाओं को शीघ्र एवं न्यायसंगत राहत उपलब्ध कराने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग द्वारा निरंतर महिला जनसुनवाई एवं निरीक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। इसी क्रम में 04 फरवरी 2026 को जनपद कुशीनगर की सदर तहसील पड़रौना में महिला जनसुनवाई का आयोजन किया गया, जिसने महिलाओं की समस्याओं को सीधे शासन-प्रशासन तक पहुंचाने का सशक्त मंच प्रदान किया।
इस महिला जनसुनवाई की अध्यक्षता उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग, लखनऊ की माननीय सदस्य जनक नन्दनी ने की। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य महिला उत्पीड़न से जुड़े मामलों की सुनवाई कर पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाना तथा सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की वास्तविक स्थिति की समीक्षा करना रहा।
प्रशासनिक अधिकारियों की रही सक्रिय भागीदारी
महिला जनसुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। इनमें अभिषेक मिश्र, तहसीलदार (राजस्व विभाग), राजेश कुमार, नायब तहसीलदार, श्री डी.सी. त्रिपाठी, जिला प्रोबेशन अधिकारी, ओमप्रकाश तिवारी सुमन सिंह, मुकेश (पी.आर.ओ., माननीय सदस्य राज्य महिला आयोग), नलिन सिंह (डी.एम.सी.), रीता यादव (सेंटर मैनेजर), वंदना, राजू कुमार, सुनीता पाण्डेय सहित चाइल्ड हेल्पलाइन के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
अधिकारियों की उपस्थिति से यह स्पष्ट संदेश गया कि महिला उत्पीड़न के मामलों को लेकर प्रशासन पूरी तरह गंभीर है और हर स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
40 प्रकरण हुए प्राप्त, 5 का मौके पर निस्तारण
महिला जनसुनवाई कुशीनगर के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं ने अपनी समस्याएं खुलकर सामने रखीं। प्राप्त प्रार्थना पत्रों में कुल 40 प्रकरण दर्ज किए गए। इनमें बाल पुष्टाहार से संबंधित 01, ग्राम विकास विभाग से 02, राजस्व विभाग से 09, पुलिस विभाग से 10, राशन कार्ड से 10, आवास प्रकरण से 07 तथा बैंक से संबंधित 01 मामला शामिल रहा।
माननीय सदस्य महोदया के निर्देश पर 05 मामलों का मौके पर ही समाधान कर दिया गया, जिससे पीड़ित महिलाओं को तत्काल राहत मिली। शेष मामलों को संबंधित विभागों को भेजते हुए 07 दिवस के भीतर आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए, ताकि किसी भी प्रकरण में अनावश्यक देरी न हो।
सरकारी योजनाओं की गहन समीक्षा
जनसुनवाई के दौरान माननीय सदस्य द्वारा राशन कार्ड, जननी सुरक्षा योजना, पुष्टाहार वितरण, पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली, आवास योजनाएं और बैंक से जुड़े मामलों की विस्तार से समीक्षा की गई। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि पात्र महिलाओं को योजनाओं का लाभ हर हाल में मिलना चाहिए और किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि महिला सशक्तिकरण तभी संभव है जब महिलाओं को सामाजिक, आर्थिक और कानूनी सुरक्षा एक साथ मिले।
वन स्टॉप सेंटर और संस्थानों का औचक निरीक्षण
महिला जनसुनवाई के उपरांत माननीय सदस्य द्वारा वन स्टॉप सेंटर, कुशीनगर, दत्तक ग्रहण इकाई, संयुक्त जिला चिकित्सालय, कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय खिरकिया पड़रौना तथा विभिन्न आंगनवाड़ी केंद्रों का औचक निरीक्षण किया गया।
निरीक्षण के दौरान संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए, ताकि महिलाओं और बालिकाओं को मिलने वाली सुविधाओं की गुणवत्ता में और सुधार किया जा सके।
जनजागरूकता चौपाल से महिलाओं में बढ़ा आत्मविश्वास
विकास भवन में आयोजित जनजागरूकता चौपाल के माध्यम से माननीय सदस्य ने स्वयं सहायता समूहों और ग्रामीण महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान महिलाओं को उनके कानूनी अधिकार, महिला आयोग की भूमिका और शिकायत दर्ज कराने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
महिलाओं को यह संदेश दिया गया कि वे किसी भी प्रकार के उत्पीड़न के खिलाफ आवाज उठाने से न डरें, प्रशासन और महिला आयोग उनके साथ खड़ा है।
गोद भराई, अन्नप्राशन और वृक्षारोपण कार्यक्रम
इसके बाद आंगनवाड़ी केंद्र, जंगल खिरकिया, पड़रौना में गोद भराई एवं अन्नप्राशन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आंगनवाड़ी कार्यकत्री श्रीमती पिंकी गुप्ता की उपस्थिति में 04 गर्भवती महिलाओं को पुष्टाहार वितरित किया गया तथा 02 नवजात शिशुओं का अन्नप्राशन कराया गया।
कार्यक्रम के समापन पर माननीय सदस्य द्वारा वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया।
महिला सशक्तिकरण की दिशा में अहम पहल
महिला जनसुनवाई कुशीनगर न केवल समस्याओं के समाधान का मंच साबित हुई, बल्कि इसने महिलाओं में आत्मविश्वास और जागरूकता भी बढ़ाई। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के कार्यक्रम महिला उत्पीड़न की रोकथाम और त्वरित न्याय की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।

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