बलिया( राष्ट्र की परम्परा)।
विश्व सामाजिक न्याय दिवस हर वर्ष 20 फरवरी को मनाया जाता है। विश्व में लोग विभिन्न स्तर पर दुर्भाग्यपूर्ण मुद्दों से त्रस्त व प्रभावित है जो लाखों लोगों को एक निष्पक्ष जीवन जीने से रोकते है। विश्व के ढ़ेर सारे व्यक्ति बुनियादी जरूरतें रोटी, कपड़ा, मकान, नौकरी, स्वास्थ्य देखभाल, शिक्षा, पोषण आदि जैसी सुविधाओं से वंचित है। विशेषाधिकार प्राप्त लोगों की जिम्मेदारी होनी चाहिए कि हम एक ऐसी न्यायपूर्ण दुनिया बनाएं जहां सामाजिक न्याय एक आदर्श हो।
विश्व में सामाजिक न्याय की मुद्दे:- आज समुचे विश्व गंभीर वित्तीय संकट, बेरोजगारी, गरीबी, समाजों के बीच बहिष्कार, भेदभाव, रंगभेद, जातिय द्ववेश, पारिवारिक कलेश और ससकारी सुविधाओं तक पहुंच की कमी आदि जौसी गंभीर महत्वपूर्ण मुददों का सामना कर रही है। आज हमरे सामाज के मुद्दे किस स्तर पर खड़ा है, हम और आप इससे भलीभॉति परिचीत है।
विश्व में सामाजिक न्याय की चुनौतियॉ:- विश्व में सामाजिक न्याय कि चुनौतियॉ बहुत ही एक विक्रराल परिस्थित में खड़ी है। इसके सामाधान के लिए हम सभी को अपने अधिकार को समझना होगा, साथ ही विशेषाधिकार प्राप्त लोगों द्वारा सामाजिक न्याय योजना, नियम, कानून और अधिकारों के संरक्षण हेतु ठोस कदम उठाने होंगे। हमारे सामाज को भी इस हेतु आगे आना होगा। हमें आम जनमानस को सामाजिक न्याय की रक्षा और हो रहे भेदभाव, अन्याय के प्रति सचेत करना होगा। हमरे साथ हो रहे भेदभाव को रोकना होगा। समाज के बेहतरी के लिए हम सभी को एक सच्चे बहादूर की तरह कार्य करना होगा। तब हम सम्भवतः इस चुनौती को सामना कर पायेंगे।
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