आगरा (राष्ट्र की परम्परा)l उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. बबीता चौहान ने मंगलवार को सर्किट हाउस, आगरा में आयोजित महिला आयोग जनसुनवाई कार्यक्रम में महिलाओं की समस्याएं गंभीरता से सुनीं। इस दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर पहुंचीं, जिनमें कुल 42 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें अधिकांश शिकायतें घरेलू हिंसा, मारपीट और महिला उत्पीड़न से संबंधित रहीं।
जनसुनवाई के दौरान आयोग अध्यक्ष ने घरेलू हिंसा, दुष्कर्म एवं गंभीर आपराधिक मामलों पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई के स्पष्ट निर्देश दिए। उन्होंने मौके पर उपस्थित पुलिस, चिकित्सा, महिला कल्याण, विधिक सहायता, कौशल विकास सहित संबंधित विभागों के अधिकारियों से कहा कि पीड़ित महिलाओं को न्याय दिलाने में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।
डॉ. बबीता चौहान ने कहा कि राज्य महिला आयोग महिलाओं के सम्मान, सुरक्षा और अधिकारों की रक्षा के लिए पूर्णतः प्रतिबद्ध है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि महिलाओं से जुड़े मामलों को संवेदनशीलता, मानवीय दृष्टिकोण और प्राथमिकता के आधार पर निस्तारित किया जाए। पीड़ितों को कानूनी, चिकित्सीय एवं सामाजिक सहायता तत्काल उपलब्ध कराना प्रशासन की जिम्मेदारी है।
महिला आयोग अध्यक्ष ने यह भी स्पष्ट किया कि दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पीड़ित महिलाओं में विश्वास कायम हो सके। उन्होंने विभिन्न विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर कार्य करने पर जोर देते हुए कहा कि त्वरित राहत और न्याय ही सुशासन की पहचान है।
जनसुनवाई में उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और पीड़ित महिलाओं को बार-बार कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें। कार्यक्रम के अंत में आयोग अध्यक्ष ने भरोसा दिलाया कि राज्य महिला आयोग हर स्तर पर पीड़ित महिलाओं के साथ खड़ा है और उन्हें न्याय दिलाने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
भारत में एआई और डीपफेक पर सख्ती: सोशल मीडिया के लिए 3 घंटे का अल्टीमेटम,…
सुरक्षित इंटरनेट दिवस पर कलेक्ट्रेट में साइबर सुरक्षा कार्यशाला, एआई के प्रति जागरूक रहने का…
विधानसभा चुनाव से पहले बड़ा एक्शन: इलेक्शन कमीशन ने किया सिस्टम री-सेट, अफसरों की कंफर्ट…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महराजगंज जिले में बिजली व्यवस्था की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा…
अद्वितीय है भारतीय ज्ञान परंपरा में पालि साहित्य का योगदान, गोरखपुर विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय संगोष्ठी…
महिलाओं और बालिकाओं के लिए विधिक साक्षरता से सशक्तिकरण, वृद्धजनों के अधिकारों पर जागरूकता अभियान…