Tuesday, March 17, 2026
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सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र में कौन मारेगा बाजी, जनता खामोश

शशांक मिश्र की रिपोर्ट

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l सलेमपुर लोक सभा क्षेत्र से भाजपा से वर्तमान सांसद रविंद्र कुशवाहा इस बार भी चुनावी मैदान में है। रविंद्र कुशवाहा की पृष्ठभूमि ही राजनीतिक रही हैl इनके पिता स्व. हरकेवाल प्रसाद कुशवाहा कई बार लोकसभा और विधान सभा के सदस्य रहे। तो रविंद्र कुशवाहा भी लगातार दूसरी बार सांसद है ।वही समाजवादी पार्टी ने पूर्व में बसपा से सलेमपुर लोकसभा क्षेत्र से सांसद रहे रमाशंकर विद्यार्थी पर अपना दाव लगाया है। सपा को (आई एन डी आई ए) गठबंधन का भी साथ मिला है । इनकी उम्मीदवारी की घोषणा थोड़ी देर से हुईl लेकिन ये भी पूरे दम खम से चुनावी मैदान में है। वही बहुजन समाज पार्टी ने भी अपने की प्रत्याशी की घोषणा बीते दिनों कर दी हैl बसपा ने सलेमपुर लोकसभा से भीम राजभर को उम्मीदवार बनाया है भीम राजभर पूर्व बसपा प्रदेश अध्यक्ष भी रहे है । यह मूल रूप से मऊ जिले के निवासी है इसके पहले आजमगढ़,मऊ से चुनाव लड़ चुके है । इनके उम्मीदवार बनने से राजभर वोटो में बंटवारा हो सकता है। वही सलेमपुर लोकसभा से भाजपा से टिकट मांग रहे अन्य प्रत्याशिओं के भी लोकसभा चुनाव में निर्दल चुनाव लड़ने की अटकलें लगाई जा रही है ।तो वही एक पत्रकार कालिका तिवारी द्वारा भी निर्दल प्रत्याशी के रूप में लोक सभा चुनाव मैदान में उतरने का बिगुल बजा दिया गया है ।ये भी चुनावी प्रचार प्रसार में लगे हुए है ।अब देखना ये है की इस बार जनता लोक सभा चुनाव में किसके सर पर जीत का सेहरा बांधती है । जनता कुछ बोलने को तैयार नहीं है।

सलेमपुर लोकसभा सीट कब किस पार्टी का रहा सांसद

इस लोकसभा सीट पर 1952 से 1977 तक कांग्रेस का कब्जा रहा फिर 1977 के लोकसभा चुनाव में रामनरेश कुशवाहा ने कांग्रेस का किला तोड़ कर जनता पार्टी से सांसद चुने गए ।फिर 1980 में रामनगिना मिश्र ने कांग्रेस में वापसी की और सांसद चुने गए । 1989 में हरिकेवाल प्रसाद ने जनता दल का परचम लहराया और सांसद बने,अगले चुनाव में इस लोकसभा क्षेत्र से समाजवादी पार्टी से उम्मीदवार रहे हरिवंश सहाय सांसद चुने गए।इसके बाद के लोकसभा चुनाव में हरिवंश सहाय को हराकर हरिकेवल प्रसाद ने दुबारा लोकसभा सीट पर कब्जा कर लिया इस बार ये समता पार्टी से उम्मीदवार थे। 1999 के चुनाव में इस लोकसभा सीट पर बहुजन समाज पार्टी का कब्जा हो गया और बबन राजभर सांसद चुने गए। 2004 के लोकसभा चुनाव में फिर हरिकेवल प्रसाद की वापसी हुई और ये सांसद चुने गए इस चुनाव में हरिकेवाल प्रसाद समाजवादी पार्टी के उम्मीदवार थे। 2009 के लोकसभा चुनाव में फिर हरिकेवल प्रसाद को हार का सामना करना पड़ा और इस लोकसभा सीट पर बहुजन समाज पार्टी का कब्जा हो गया और रामशंकर राजभर “विद्यार्थी” सांसद चुने गए इसी बीच पूर्व सांसद हरिकेवाल प्रसाद का स्वर्गवास हो गया और उनके बड़े लड़के रविंद्र कुशवाहा ने उनकी राजनीतिक विरासत संभाल ली और 2014 में समाजवादी पार्टी से टिकट न मिलने पर भाजपा का दामन थाम कर चुनावी मैदान में कूद गए और पहली बार सांसद चुने गए । दुबारा भी 2019 के चुनाव में भाजपा से उम्मीदवार बनाए गए और सांसद चुने गए ।
अब देखना है 2024 के इस लोकसभा चुनाव में किसके सर पर जनता सांसद का ताज पहनाती है।

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