बिहार में महिलाओं की सुरक्षा पर चिराग पासवान का बड़ा बयान, बोले- ‘सरकार का सहयोगी हूं, लेकिन खुद शर्मिंदा महसूस कर रहा हूं’
पटना (राष्ट्र की परम्परा)। बिहार में महिलाओं और युवतियों के साथ कथित बदसलूकी के वीडियो सामने आने के बाद राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। इसी बीच हाजीपुर से सांसद और केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बिहार में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि मौजूदा घटनाओं को किसी भी स्थिति में हल्के में नहीं लिया जा सकता।
चिराग पासवान ने कहा कि आज की तारीख में बिहार के लोग खुद को पूरी तरह सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने माना कि वह राज्य सरकार के सहयोगी हैं और इसलिए कानून-व्यवस्था से जुड़े सवालों से बच नहीं सकते। उन्होंने कहा कि हाल की घटनाओं को लेकर वह खुद शर्मिंदा महसूस कर रहे हैं।
‘मैं इस सवाल से भाग नहीं सकता’
बिहार के मौजूदा हालात पर बड़े फैसले से जुड़े सवाल के जवाब में चिराग पासवान ने कहा कि सुरक्षा को लेकर पैदा हुई चिंता छोटी बात नहीं है। उन्होंने कहा कि जिस सरकार का वह हिस्सा हैं, उस सरकार से लोगों को सुरक्षा की भावना मिलनी चाहिए और अगर ऐसा नहीं हो रहा है तो इस मुद्दे को गंभीरता से उठाना जरूरी है।
उन्होंने हाल की घटनाओं पर नाराजगी जताते हुए कहा कि बिहार की राष्ट्रीय स्तर पर छवि को लेकर भी चिंता है। खासकर बेटियों और महिलाओं के मन में सुरक्षा को लेकर डर पैदा होना गंभीर विषय है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या कोई लड़की शाम को घर से निकलते समय सुरक्षा को लेकर चिंतित नहीं होती होगी?
कई जिलों से सामने आए वीडियो
पिछले कुछ दिनों में बिहार के जमुई, समस्तीपुर, बांका और सीवान सहित कई जिलों से महिलाओं और युवतियों के साथ कथित अभद्रता से जुड़े वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुए। वीडियो में कुछ युवकों पर सड़क पर लड़कियों के साथ बदसलूकी करने के आरोप सामने आए। इन घटनाओं के बाद कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठे।
मामले सामने आने के बाद पुलिस ने कई आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की। जमुई प्रकरण में पुलिस ने मुख्य आरोपी नंदन यादव को मुठभेड़ के दौरान पैर में गोली लगने के बाद गिरफ्तार किया। इस कार्रवाई के बाद भी विपक्षी दलों ने राज्य में महिलाओं की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर सरकार पर सवाल उठाए।
सरकार के सहयोगी की नाराजगी ने बढ़ाई सियासी चर्चा
चिराग पासवान का बयान इसलिए भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है क्योंकि उनकी पार्टी राज्य की सत्ता में सहयोगी है। ऐसे में सरकार के सहयोगी केंद्रीय मंत्री द्वारा ही महिलाओं की सुरक्षा को लेकर सार्वजनिक रूप से चिंता जताए जाने से यह मुद्दा और चर्चा में आ गया है।
चिराग ने स्पष्ट संकेत दिया कि महिलाओं की सुरक्षा के सवाल को राजनीतिक सहयोग या गठबंधन से ऊपर रखकर देखा जाना चाहिए। उन्होंने राज्य में जल्द से जल्द ऐसा माहौल सुनिश्चित करने की मांग की, जिसमें महिलाएं और बेटियां बिना भय के घर से बाहर निकल सकें।
हालांकि, वायरल वीडियो से जुड़े प्रत्येक मामले में पुलिस की जांच और न्यायिक प्रक्रिया के अंतिम निष्कर्ष को अलग से देखा जाना जरूरी है। फिलहाल इन घटनाओं ने बिहार में महिला सुरक्षा और कानून-व्यवस्था को लेकर एक बार फिर गंभीर बहस छेड़ दी है।
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