यूपी पंचायत चुनाव पर हाईकोर्ट में बड़ा अपडेट: आज 2 बजे से 3 बजे तक चली सुनवाई, शुक्रवार को भी जारी रहेगी कार्यवाही
प्रयागराज (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव को लेकर गुरुवार का दिन बेहद अहम रहा। चुनाव की तारीख और पूरी प्रक्रिया को लेकर इलाहाबाद हाईकोर्ट में चल रही सुनवाई के दौरान सभी पक्षों ने अपनी दलीलें और जवाब अदालत के सामने रखे। दोपहर 2 बजे शुरू हुई कार्यवाही के बाद करीब 3 बजे फिर सुनवाई हुई। अब इस मामले में शुक्रवार को भी सुनवाई जारी रहेगी। ऐसे में पंचायत चुनाव के दावेदारों से लेकर गांव-गांव तक लोगों की नजर हाईकोर्ट की अगली कार्यवाही पर टिक गई है।
पंचायत चुनाव में देरी को लेकर दाखिल विभिन्न याचिकाओं को एक साथ जोड़कर सुनवाई की जा रही है। मामला चुनाव समय पर कराने, आरक्षण प्रक्रिया और चुनाव कार्यक्रम जारी करने की समयसीमा से जुड़ा हुआ है। हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार और राज्य निर्वाचन आयोग से यह स्पष्ट करने को कहा था कि पंचायत चुनाव निर्धारित समय पर क्यों नहीं कराए जा सकते। इसके जवाब में संबंधित पक्षों की ओर से अपना पक्ष अदालत में दाखिल किया गया है।
इस मामले से जुड़े दशरथ यादव बनाम उत्तर प्रदेश सरकार, रिट-सी संख्या 22590/2026 सहित अन्य याचिकाओं पर भी लोगों की नजर बनी हुई है। पंचायत चुनाव की प्रक्रिया को लेकर पहले भी अदालत में कई बार सुनवाई हो चुकी है, हालांकि अलग-अलग कारणों से कार्यवाही आगे खिसकती रही। अब 3 अगस्त के बाद मामले में सुनवाई आगे बढ़ी है।
गुरुवार की कार्यवाही के दौरान चुनाव प्रक्रिया में संभावित देरी, आरक्षण व्यवस्था और चुनाव कराने की समयसीमा जैसे मुद्दे प्रमुख रहे। पंचायत चुनाव की तैयारियों से संबंधित जानकारी भी राज्य निर्वाचन आयोग की ओर से अदालत के समक्ष रखी जा चुकी है। ऐसे में शुक्रवार की सुनवाई को काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इससे पहले 28 अप्रैल को पंचायत चुनाव का विस्तृत कार्यक्रम जारी कराने की मांग से जुड़ी एक याचिका को पहले से लंबित इम्तियाज हुसैन की याचिका के साथ संबद्ध करने का आदेश दिया गया था। सुनवाई के दौरान याची के अधिवक्ता की ओर से अदालत को बताया गया था कि इसी तरह की मांग वाली एक अन्य याचिका भी सुनवाई के लिए निर्धारित है। इसके बाद कोर्ट ने संबंधित याचिका को इम्तियाज हुसैन के मामले के साथ जोड़ने का निर्देश दिया था।
पंचायत चुनाव को लेकर सबसे बड़ा सवाल अब यही है कि हाईकोर्ट की सुनवाई के बाद चुनाव प्रक्रिया की समयसीमा कितनी स्पष्ट होती है। यदि अदालत की ओर से चुनाव कराने को लेकर कोई स्पष्ट दिशा-निर्देश या समयसीमा तय की जाती है तो आगामी चुनावी प्रक्रिया की तस्वीर काफी हद तक साफ हो सकती है।
हालांकि, अभी मतदान की आधिकारिक तारीख सामने नहीं आई है। सोशल मीडिया या अन्य माध्यमों पर प्रसारित होने वाली संभावित तारीखों को आधिकारिक चुनाव कार्यक्रम नहीं माना जा सकता। पंचायत चुनाव की तारीख और चरणों की अंतिम पुष्टि राज्य निर्वाचन आयोग की अधिसूचना जारी होने के बाद ही होगी।
फिलहाल गुरुवार की सुनवाई के बाद शुक्रवार को भी मामला अदालत के सामने रहेगा। ऐसे में पंचायत चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे संभावित प्रत्याशियों, वर्तमान पंचायत प्रतिनिधियों और ग्रामीण मतदाताओं की निगाहें अब हाईकोर्ट के अगले निर्देश पर टिकी हैं। अदालत की कार्यवाही के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि उत्तर प्रदेश में पंचायत चुनाव की राह कितनी जल्दी आगे बढ़ती है।
स्वीकृत धनराशि के बावजूद निर्माण शुरू नहीं, प्रतिनिधिमंडल ने सौंपा ज्ञापन बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)।…
अहिरौली लाला में कांग्रेस की जनसभा, सामाजिक समरसता और समानता पर दिया जोर सलेमपुर (राष्ट्र…
बेटे प्रज्ञान के नाम पर लिखी पुस्तक दुनिया के सभी बच्चों को समर्पित, साहित्यकार दंपती…
राष्ट्रीय पोषण माह के समापन पर गोद भराई, अन्नप्राशन और उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का सम्मान,…
दो सिलेंडर फटने से मचा हड़कंप; मां-बेटी की जिंदा जलकर मौत, 10 से ज्यादा झुलसे…
Ai निर्मित तस्वीर बच्चों की वैधता पर भी हाईकोर्ट सख्त, सिर्फ दूसरे पुरुष से संबंध…