राष्ट्रीय पोषण माह के समापन पर गोद भराई, अन्नप्राशन और उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों का सम्मान, जरूरतमंद बच्चों को बांटे गए लैपटॉप
मऊ (राष्ट्र की परम्परा)। कुपोषण मुक्त, स्वस्थ एवं सशक्त मऊ के निर्माण के लिए सभी को मिलकर प्रयास करने की जरूरत है। सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे और प्रत्येक गर्भवती एवं धात्री महिला को उचित पोषण तथा स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हों। स्वस्थ बच्चे ही आगे चलकर स्वस्थ एवं सशक्त समाज का निर्माण करते हैं। यह बातें प्रदेश सरकार के नगर विकास, ऊर्जा एवं अतिरिक्त ऊर्जा स्रोत मंत्री ए.के. शर्मा ने गुरुवार को नगर पालिका कम्युनिटी हॉल में आयोजित नौवें राष्ट्रीय पोषण माह के जनपद स्तरीय कार्यक्रम में कहीं।09 सितंबर से 08 अक्टूबर 2026 तक आयोजित पोषण गतिविधियों की श्रृंखला के समापन अवसर पर आयोजित कार्यक्रम का शुभारंभ मंत्री ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस दौरान गोद भराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम आयोजित किए गए। उत्कृष्ट कार्य करने वाली आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों को प्रशस्ति प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। वहीं, कोविड-19 के दौरान माता या पिता को खोने वाले प्रभावित बच्चों को शिक्षा में सहयोग देने के उद्देश्य से लैपटॉप वितरित किए गए।मंत्री ए.के. शर्मा ने कहा कि बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग के माध्यम से छह वर्ष से कम आयु के बच्चों, गर्भवती महिलाओं और स्तनपान कराने वाली माताओं के पोषण, स्वास्थ्य एवं समुचित विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों के जरिए बच्चों को स्कूल पूर्व शिक्षा भी उपलब्ध कराई जा रही है। सरकार का उद्देश्य केवल कुपोषण कम करना ही नहीं, बल्कि बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को बेहतर बनाना और परिवारों को स्वास्थ्य, पोषण तथा स्वच्छता के प्रति जागरूक करना भी है।उन्होंने बताया कि बच्चों, गर्भवती महिलाओं एवं धात्री माताओं को रेसिपी आधारित टेक होम राशन उपलब्ध कराया जा रहा है। जुलाई, अगस्त और सितंबर 2026 के दौरान लगभग 1,98,325 लाभार्थियों को टेक होम राशन दिया गया। इसी तरह तीन से छह वर्ष तक की आयु के लगभग 78,363 बच्चों को प्रतिमाह गर्म पका-पकाया भोजन उपलब्ध कराया जा रहा है।आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित हो रहे आंगनबाड़ी केंद्र मंत्री ने कहा कि बच्चों को बेहतर शैक्षिक एवं पोषण संबंधी वातावरण उपलब्ध कराने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों को सुदृढ़ और आधुनिक बनाया जा रहा है। वित्तीय वर्ष 2023-24 में 129 तथा वित्तीय वर्ष 2024-25 में 50 नए आंगनबाड़ी केंद्र भवनों की स्वीकृति मिली। इसके अलावा 173 आंगनबाड़ी केंद्रों को सक्षम आंगनबाड़ी केंद्र के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन केंद्रों पर आरओ, एलईडी टीवी और पोषण वाटिका जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं।18,804 लाभार्थियों का प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में नामांकन प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की जानकारी देते हुए मंत्री ने बताया कि गर्भवती एवं स्तनपान कराने वाली महिलाओं को आर्थिक सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से यह योजना संचालित की जा रही है। जनपद में वर्ष 2023 से अब तक 18,804 लाभार्थियों का नामांकन किया गया है। योजना के अंतर्गत 10,335 लाभार्थियों को कुल चार करोड़ 58 लाख आठ हजार रुपये का भुगतान किया जा चुका है।मंत्री ने कहा कि मऊ को कुपोषण मुक्त बनाने में आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों, सहायिकाओं, स्वास्थ्य विभाग, ग्राम पंचायतों और परिवारों की भूमिका महत्वपूर्ण है। उन्होंने लोगों से बच्चों के पोषण पर विशेष ध्यान देने, आंगनबाड़ी केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाओं का लाभ उठाने और आसपास के परिवारों को भी स्वास्थ्य एवं पोषण के प्रति जागरूक करने की अपील की।उन्होंने कहा कि सभी को मिलकर कुपोषण मुक्त, स्वस्थ एवं सशक्त मऊ के निर्माण का संकल्प लेना चाहिए, ताकि प्रत्येक बच्चे को बेहतर पोषण और विकास के समान अवसर मिल सकें।कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी ध्रुव खाडिया, भाजपा की पूर्व जिलाध्यक्ष नूपुर अग्रवाल, परियोजना निदेशक सुभाष चंद्र सरोज, डीसी मनरेगा राजीव कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी रंजीत कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी, आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं मौजूद रहीं।
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