बलिया(राष्ट्र की परम्परा)मतदाता जागरूकता अभियान के अंतर्गत विभिन्न स्थानों पर रैलियां निकालकर मतदाताओं को जागरूक किया जाना चाहिए। भारत एक लोकतांत्रिक देश है और मतदान लोकतांत्रिक प्रणाली का प्रमुख अंग है। 5 वर्षों में एक बार होने वाले चुनाव में प्रमुख भूमिका जनता की होती है। जनता द्वारा चुने गए प्रतिनिधि ही राष्ट्र का संचालन करते हैं। अपना प्रतिनिधि चुनने के लिए जनता स्वतंत्रता होती है, इसलिए लोकतांत्रिक प्रणाली में मतदान का विशेष महत्व है। लोकतंत्र में सभी राजनीतिक गतिविधियां वोट के आधार पर ही निर्भर करती हैं। अक्सर लोग यह सोचते हैं कि एक वोट हम नहीं डालेंगे तो क्या फर्क पड़ जाएगा परंतु उन्हें यह जानना आवश्यक है कि उनके एक वोट पर देश का भविष्य निर्भर करता है। विभिन्न पार्टियां विभिन्न चुनाव चिन्ह होते हैं, उसी में से किसी एक पार्टी/ चुनाव चिन्ह पर वोट करके अपने मताधिकार का प्रयोग अवश्य करना चाहिए और राष्ट्रहित के जागरूक मतदाता बनकर अपने अधिकार का सदुपयोग करें। विभिन्न पार्टियां अपना एजेंडा बताती है जैसे मंहगाई पर रोक नवयुवको को रोजी रोजगार के अवसर, देश के विकास के लिए विभिन्न कार्य योजना, शिक्षा, व्यापार ,आदि विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की जाती है। जिस मतदाता को जो पार्टी समझ में आए उसी को वोट करने के लिए वह पूरी तरह से स्वतंत्र होता है, इसीलिए मतदाताओं को जागरूक करना अति आवश्यक है। विभिन्न रैलियां नुक्कड़ नाटक तथा विभिन्न प्रकार से प्रचार प्रसार के माध्यम से मतदाताओं को जागरूक करना चाहिए। जिससे सभी मतदान अवश्य करें । अपनी ताकत को पहचान। चलो करें हम सब मतदान।।सीमा त्रिपाठी शिक्षिका साहित्यकार लेखिका
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