जॉय बरुआ ने अंतरिक्ष तक पहुंचाया असम का संगीत, रानी मुखर्जी से नानी तक इन खबरों ने बटोरी सुर्खियां

अंतरिक्ष से सिनेमा तक छाया भारतीय हुनर, जॉय बरुआ की वैश्विक उड़ान से लेकर बॉलीवुड के बड़े ड्रामे तक

रिपोर्ट : प्रवीन


मुंबई (राष्ट्र की परम्परा)। भारतीय सिनेमा और मनोरंजन जगत की दुनिया में हर दिन कुछ नया देखने-सुनने को मिलता है। कभी कोई कलाकार अंतरराष्ट्रीय मंच पर देश का नाम रोशन करता है, कभी किसी फिल्म का पहला लुक दर्शकों में उत्सुकता पैदा करता है और कभी किसी कलाकार के निजी जीवन से जुड़ी खबरें सुर्खियों में छा जाती हैं। सितंबर 2026 का यह दौर भी मनोरंजन जगत के लिए कुछ ऐसा ही रहा, जहां एक ओर संगीतकार जॉय बरुआ ने अंतरिक्ष विज्ञान से जुड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट कॉस्मिक रैप्सोडी के माध्यम से भारतीय संगीत की वैश्विक पहुंच को नई पहचान दी, वहीं राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, नई फिल्मों के ट्रेलर, बड़े बजट की पौराणिक फिल्म और रियलिटी शो से जुड़े विवादों ने भी खूब चर्चा बटोरी।
अंतरिक्ष की धुनों में असम की मिट्टी की खुशबू
जॉय बरुआ की कहानी किसी फिल्मी पटकथा से कम नहीं है। असम के डिगबोई से शुरू हुआ उनका संगीत सफर आज अंतरिक्ष और अंतरराष्ट्रीय ऑर्केस्ट्रा के विशाल मंच तक पहुंच चुका है। चार वर्ष की उम्र में पिता से मिला वायलिन उनके जीवन में संगीत की पहली दस्तक बना। आगे चलकर असमिया लोक संगीत, भूपेन हजारिका की रचनाओं और पश्चिमी संगीत के दिग्गज कलाकारों से मिली प्रेरणा ने उनकी संगीत यात्रा को अलग पहचान दी।
बीटल्स, स्टिंग और U2 जैसे कलाकारों का प्रभाव उनके संगीत में दिखाई दिया, तो ए.आर. रहमान और एल. सुब्रमण्यम जैसे भारतीय संगीतकारों ने उनकी रचनात्मक समझ को और विस्तार दिया।
जॉय बरुआ अब अंतरराष्ट्रीय परफॉर्मिंग-आर्ट्स प्रोडक्शन ‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ से जुड़े हैं। इस प्रोडक्शन का संबंध नासा के कॉम्पटन स्पेक्ट्रोमीटर एंड इमेजर (COSI) मिशन से है। बरुआ ने इसके दो प्रमुख गीतों—Star Among the Cosmic Clouds और Confetti Storm—के लिए संगीत तैयार किया। बाद में फ्रांसीसी संगीतकार और अरेंजर मनु मार्टिन के साथ Confetti Storm को नए रूप में Confetti Star-Ion बनाया गया।
इस प्रोजेक्ट की खासियत यह है कि इसमें संगीत, विज्ञान, कहानी, एनीमेशन और ऑर्केस्ट्रल प्रस्तुति एक साथ दिखाई देती है। कहानी में तारों के जीवन, उनके विघटन और उस पदार्थ से नई दुनिया के निर्माण की कल्पना को केंद्र में रखा गया है।
COSI मिशन अंतरिक्ष की अत्यंत ऊर्जावान घटनाओं से निकलने वाली सॉफ्ट गामा किरणों का अध्ययन करता है। इस वैज्ञानिक खोज का संबंध उन तत्वों की उत्पत्ति को समझने से भी है, जिनसे ब्रह्मांड और अंततः जीवन के निर्माण की प्रक्रिया जुड़ी है।
यहां एक महत्वपूर्ण तथ्य यह है कि ‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ स्वयं नासा का प्रोडक्शन नहीं है। इसका COSI मिशन से जुड़ाव विज्ञान और कला के बीच बनी साझा रुचि के कारण हुआ है।
डिगबोई के वायलिन से मुंबई के स्टूडियो तक
जॉय बरुआ का शुरुआती जीवन संगीत के छोटे-छोटे अनुभवों से आकार लेता गया। डिगबोई में जन्मे बरुआ को बचपन में पिता ने वायलिन दिया। बाद में जोरहाट में रहते हुए उनकी बहन ने उन्हें क्लिफ रिचर्ड का गीत Bachelor Boy सिखाया। इसी गीत ने उन्हें एक प्रतियोगिता के मंच तक पहुंचाया, जहां उन्होंने सफलता हासिल की।
स्कूल की प्रिंसिपल सिस्टर मैबिलिया ने भी उनकी प्रतिभा को प्रोत्साहित किया। धीरे-धीरे संगीत उनके लिए केवल शौक नहीं, बल्कि जीवन की दिशा बन गया।
शिलांग और गुवाहाटी में शिक्षा के बाद वह संगीतकार जुबीन गर्ग की मदद से मुंबई पहुंचे। मायानगरी में उन्होंने विज्ञापन जगत से शुरुआत की और वोडाफोन, नेस्कैफे, रिलायंस तथा LG जैसे ब्रांडों के लिए जिंगल्स से जुड़े। इसके बाद बैकग्राउंड वोकल्स और प्लेबैक सिंगिंग का सिलसिला शुरू हुआ।
उनकी आवाज और संगीत कई चर्चित फिल्मों से भी जुड़े। देव.डी, उड़ान, जिंदगी ना मिलेगी दोबारा, एजेंट विनोद और मुन्ना भाई जैसी फिल्मों में उनका योगदान रहा। मार्गरीटा विद अ स्ट्रॉ और लैला मजनू से भी उनका जुड़ाव रहा।
अपने बैंड ‘जोई’ के लीड वोकलिस्ट के रूप में उन्होंने असमिया एल्बम Joie: Looking Out of the Window रिलीज किया और ‘बिग असमिया म्यूजिक अवॉर्ड्स’ में बेस्ट न्यूकमर वोकलिस्ट का सम्मान हासिल किया।
स्थानीय पहचान से अंतरराष्ट्रीय मंच तक
बरुआ का संगीत केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं रहा। असम के पर्यावरण, वर्षावनों और स्थानीय पहचान को लेकर भी उन्होंने अपनी आवाज उठाई है। यही कारण है कि उनके लिए अंतरराष्ट्रीय मंच पर पहुंचना केवल व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं, बल्कि अपनी सांस्कृतिक जड़ों को दुनिया के सामने प्रस्तुत करने का अवसर भी है।
‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ से पहले उनका अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट ALAN भी चर्चा में रहा। उन्होंने लंदन के एबे रोड स्टूडियो में लंदन सिम्फनी ऑर्केस्ट्रा के साथ रिकॉर्डिंग की। उनके काम को रॉयल फिलहारमोनिक ऑर्केस्ट्रा द्वारा प्रस्तुत किया जाना भी उनकी अंतरराष्ट्रीय संगीत यात्रा का महत्वपूर्ण पड़ाव रहा।
‘कॉस्मिक रैप्सोडी’ इसी सफर को और विस्तृत करती है। इसका प्रीमियर 27 जुलाई 2027 को हॉलीवुड बाउल में लॉस एंजिल्स फिलहारमोनिक और पियानोवादक जीन-यवेस थिबॉडेट के साथ प्रस्तावित है।
राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार से सिनेमा का गौरव
इसी बीच भारतीय सिनेमा के लिए राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह भी आकर्षण का केंद्र बना। गुजरात के केवड़िया में आयोजित 72वें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार समारोह की खास चर्चा इसलिए भी हुई क्योंकि समारोह का आयोजन राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से बाहर किया गया।
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने विजेताओं को सम्मानित किया। समारोह में वरिष्ठ कलाकारों और विभिन्न श्रेणियों के विजेताओं को सम्मान मिला। दिग्गज अभिनेता अनंत नाग को दादा साहेब फाल्के पुरस्कार से सम्मानित किए जाने की चर्चा रही। अभिनय के क्षेत्र में भी कई कलाकारों को पुरस्कार मिले।
कार्तिक आर्यन को चंदू चैंपियन के लिए सम्मान मिला, जबकि धनुष को कैप्टन मिलर के लिए स्पेशल मेंशन से नवाजा गया। समारोह से पहले धनुष और कार्तिक आर्यन की मुलाकात की तस्वीरें भी दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बनीं।
अदनान सामी के घर में संगीत का अनोखा संसार
संगीत की दुनिया से जुड़ी एक और दिलचस्प खबर अदनान सामी के मुंबई स्थित घर से सामने आई। फराह खान के होम टूर के दौरान अदनान सामी के निजी कलेक्शन की झलक देखने को मिली।
उनके घर में पुराने रिकॉर्ड, ऐतिहासिक संगीत सामग्री, पांडुलिपियां और दुर्लभ कलाकृतियां दिखाई गईं। हिंदी सिनेमा के सुनहरे दौर से जुड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड उनकी दीवारों की शोभा बढ़ाते नजर आए। इनमें अमर अकबर एंथनी, यादों की बारात, आराधना, पाकीजा, हरे रामा हरे कृष्णा, शोले और बैजू बावरा जैसी फिल्मों से जुड़े रिकॉर्ड शामिल बताए गए।
भारतीय संगीत के अलावा अंतरराष्ट्रीय संगीत जगत की झलक भी उनके संग्रह में दिखाई देती है। बीटल्स और एल्विस प्रेस्ली से जुड़े रिकॉर्ड इस कलेक्शन को और खास बनाते हैं।
रानी मुखर्जी के परिवार में शोक
मनोरंजन जगत के लिए यह समय भावुक भी रहा। अभिनेत्री रानी मुखर्जी की मां कृष्णा मुखर्जी के निधन की खबर से फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार की ओर से निधन की पुष्टि करते हुए लोगों से इस कठिन समय में निजी जीवन की गरिमा बनाए रखने की अपील की गई।
रानी मुखर्जी कई अवसरों पर अपनी मां के साथ अपने रिश्ते और उनसे मिले प्रोत्साहन के बारे में बात कर चुकी हैं। उनके लिए मां केवल परिवार का हिस्सा नहीं, बल्कि जीवन और अभिनय की यात्रा में महत्वपूर्ण प्रेरणास्रोत भी रही थीं।
150 करोड़ की ‘महावीर कर्ण’ में राघव लॉरेंस का दमदार अवतार
पौराणिक फिल्मों के शौकीनों के लिए भी बड़ी खबर सामने आई। निर्देशक रमेश वर्मा की फिल्म ‘महावीर कर्ण’ का फर्स्ट लुक जारी किया गया, जिसमें राघव लॉरेंस महाभारत के महान योद्धा कर्ण की भूमिका में दिखाई दे रहे हैं।
लगभग 150 करोड़ रुपये के बजट में तैयार की जा रही इस फिल्म को तमिल, तेलुगु, हिंदी, मलयालम और कन्नड़ भाषाओं में रिलीज करने की योजना है। फिल्म की घोषित रिलीज तारीख 4 दिसंबर 2026 बताई गई है।
फर्स्ट लुक सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर राघव लॉरेंस के रूप और फिल्म की भव्यता को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी बढ़ी है।
बिग बॉस 20′ में वायरल वीडियो पर पत्नी ज़ेबा की प्रतिक्रिया
रियलिटी शो ‘बिग बॉस 20’ भी विवादों से अछूता नहीं रहा। ‘पंचायत’ फेम अभिनेता आसिफ खान और सह-कंटेस्टेंट लवप्रीत गिल से जुड़े एक वायरल वीडियो के बाद सोशल मीडिया पर तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हुईं।
इस मामले पर आसिफ खान की पत्नी ज़ेबा ने प्रतिक्रिया देते हुए लोगों से सोशल मीडिया की छोटी-छोटी क्लिप के आधार पर किसी रिश्ते या व्यक्ति के चरित्र पर टिप्पणी न करने की अपील की। उन्होंने अपने वैवाहिक रिश्ते को लेकर भी स्पष्ट रूप से अपना पक्ष रखा।
द पैराडाइज’ में नानी का नया अवतार
साउथ सिनेमा के लोकप्रिय अभिनेता नानी की आगामी फिल्म ‘द पैराडाइज’ भी रिलीज से पहले चर्चा में है। फिल्म में नानी और निर्देशक श्रीकांत ओडेला की जोड़ी एक बार फिर साथ आई है। इससे पहले दोनों दसरा में साथ काम कर चुके हैं।
फिल्म को एक्शन और हिंसक दृश्यों के कारण वयस्क दर्शकों के लिए प्रमाणित किए जाने की खबर है। लगभग 2 घंटे 49 मिनट लंबी इस फिल्म की रिलीज 24 सितंबर 2026 को प्रस्तावित है, जबकि विशेष शो 23 सितंबर से शुरू होने की बात कही गई है।
नए चेहरों के साथ ‘पहला प्यार दूसरी बार’
युवा दर्शकों को ध्यान में रखकर बनाई गई फिल्म ‘पहला प्यार दूसरी बार’ का ट्रेलर भी सामने आ चुका है। फिल्म में स्पर्श वालिया, अलीशा चोपड़ा, कुणाल वैद, साक्षी वैद्य, तुषार छिब्बर और सरगुन कौर लूथरा जैसे नए चेहरों को मौका दिया गया है।
कहानी दोस्ती, स्कूल की यादों, पहले क्रश, प्यार और आधुनिक रिश्तों की उलझनों के इर्द-गिर्द घूमती है। फिल्म का निर्देशन अनुज सैनी कर रहे हैं, जबकि लव रंजन और अंकुर गर्ग इसके निर्माता हैं।
लव रंजन के मुताबिक फिल्म की भावनाएं नई पीढ़ी के किरदारों के जरिए पुराने स्कूल, दोस्ती और पहले प्यार की यादों से जुड़ती हैं। वहीं निर्देशक अनुज सैनी के लिए यह फिल्म उनके निर्देशन करियर की शुरुआत है।
फिल्म 23 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने के लिए निर्धारित है।
संगीत, सिनेमा और भावनाओं का बदलता संसार
सितंबर 2026 की इन घटनाओं को एक साथ देखें तो मनोरंजन जगत का बदलता स्वरूप साफ दिखाई देता है। असम के एक छोटे शहर से निकलकर जॉय बरुआ का संगीत अंतरराष्ट्रीय ऑर्केस्ट्रा और अंतरिक्ष विज्ञान की कहानी से जुड़ रहा है। राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार भारतीय सिनेमा की विविधता और प्रतिभा का सम्मान कर रहा है। वहीं महावीर कर्ण, द पैराडाइज और पहला प्यार दूसरी बार जैसी फिल्में अलग-अलग दर्शक वर्गों के लिए नई कहानियां लेकर आ रही हैं।
एक तरफ विज्ञान और संगीत का मेल है, दूसरी ओर पौराणिक कथाओं का आधुनिक सिनेमाई रूपांतरण। कहीं पुरानी फिल्मों के रिकॉर्ड आज भी संगीत की विरासत संभाले हुए हैं, तो कहीं नए कलाकार पहली बार बड़े पर्दे पर कदम रखने की तैयारी कर रहे हैं।
यही मनोरंजन जगत की खूबसूरती है—यह अतीत की यादों, वर्तमान की हलचल और भविष्य की कल्पनाओं को एक साथ जोड़ता है। जॉय बरुआ का वायलिन से अंतरिक्ष तक का सफर हो या नए कलाकारों का फिल्मी दुनिया में पहला कदम, हर कहानी अपने भीतर एक नई यात्रा की शुरुआत छिपाए हुए है।

Editor CP pandey

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