गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की राष्ट्रीय सेवा योजना ने एक बार फिर अपनी उत्कृष्टता साबित करते हुए विश्वविद्यालय के छह ऊर्जावान स्वयंसेवकों का चयन राष्ट्रीय स्तर पर आयोजित साहसिक प्रशिक्षण शिविर के लिए किया है। 23 नवंबर से 2 दिसंबर 2025 तक हिमाचल प्रदेश के पोंग डैम स्थित अटल बिहारी वाजपेयी पर्वतारोहण एवं संबद्ध खेल संस्थान में आयोजित होने वाला यह शिविर देशभर के चुनिंदा युवाओं का संगम होगा। इस प्रतिष्ठित कैंप में भाग लेने के लिए कृष्णानंद जयसवाल, नवनीत पाण्डेय, राज सिंह, भूमिका पाण्डेय, प्रज्ञा उपाध्याय और भावना विश्वकर्मा का चयन हुआ है। ये सभी स्वयंसेवक एनएसएस की विभिन्न इकाइयों से जुड़े रहे हैं और अपनी सक्रियता, अनुशासन तथा नेतृत्व क्षमता के आधार पर राष्ट्रीय स्तर के इस अवसर तक पहुँचे हैं, जिससे विश्वविद्यालय परिवार में हर्ष और गर्व का वातावरण है।
स्वयंसेवकों के प्रस्थान से पहले विश्वविद्यालय परिसर में एक प्रेरणादायी कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें प्रति कुलपति प्रो. शांतनु रस्तोगी, एनएसएस कार्यक्रम समन्वयक डा. सत्यपाल सिंह, विभिन्न महाविद्यालयों के कार्यक्रम अधिकारी और विश्वविद्यालय कर्मचारी मौजूद रहे। प्रति कुलपति ने सभी चयनित स्वयंसेवकों को शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि साहसिक प्रशिक्षण शिविर युवाओं को न केवल शारीरिक रूप से सुदृढ़ बनाता है, बल्कि उनमें नेतृत्व, टीमवर्क, साहस और आत्मविश्वास जैसे जीवनोपयोगी गुणों का विकास भी करता है। उन्होंने विश्वास जताया कि विश्वविद्यालय के ये विद्यार्थी अनुशासन, परिश्रम और समर्पण की मिसाल पेश करेंगे।
यह दस दिवसीय राष्ट्रीय एडवेंचर कैंप एनएसएस की प्रमुख गतिविधियों में से एक है, जिसमें स्वयंसेवकों को पर्वतारोहण की बुनियादी तकनीकों के साथ ट्रैकिंग, रॉक क्लाइम्बिंग, रैपलिंग, जल साहसिक गतिविधियाँ, आपदा प्रबंधन और बचाव तकनीक, फर्स्ट एड तथा नेतृत्व एवं टीम प्रबंधन जैसे महत्वपूर्ण कौशलों का प्रायोगिक प्रशिक्षण मिलेगा। शिविर का मुख्य उद्देश्य युवाओं को साहसिक गतिविधियों से जोड़कर उन्हें जिम्मेदार, अनुशासित और सक्षम नागरिक के रूप में विकसित करना है।
कार्यक्रम समन्वयक डा. सत्यपाल सिंह ने चयनित स्वयंसेवकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे शिविर छात्रों के व्यक्तित्व निर्माण में अत्यंत महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ये अवसर न केवल उन्हें चुनौतियों का सामना करने के लिए तैयार करते हैं, बल्कि जीवन में आत्मविश्वास और सकारात्मक दृष्टिकोण भी विकसित करते हैं।
प्रस्थान के समय स्वयंसेवकों में उत्साह और ऊर्जा का विशेष संचार दिखाई पड़ा। शिक्षकों और अधिकारियों ने उन्हें सुरक्षित यात्रा, नए अनुभवों और उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं। विश्वविद्यालय प्रशासन और एनएसएस इकाई ने भरोसा जताया है कि ये छात्र-छात्राएँ अपने श्रेष्ठ प्रदर्शन से विश्वविद्यालय की गौरवशाली परंपरा को आगे बढ़ाएँगे।
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