पेरिस (राष्ट्र की परम्परा डेस्क) फ्रांस में राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों द्वारा नए प्रधानमंत्री की नियुक्ति के बाद बड़े पैमाने पर हिंसा और विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर उतरकर आगजनी और तोड़फोड़ की, कई जगहों पर सड़कें जाम कर दी गईं। हालात बिगड़ने पर पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और सैकड़ों प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया।
गृह मंत्री ब्रूनो रिटेलेउ ने जानकारी दी कि राष्ट्रव्यापी विरोध प्रदर्शनों के पहले ही घंटों में करीब 200 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि पश्चिमी शहर रेनेस में एक बस में आग लगा दी गई, वहीं दक्षिण-पश्चिमी क्षेत्र में बिजली लाइन को क्षतिग्रस्त करने की वजह से रेल सेवा बाधित हुई। मंत्री ने प्रदर्शनकारियों पर “विद्रोह का माहौल बनाने” का आरोप लगाया।
दरअसल, राष्ट्रपति मैक्रों ने सोमवार को रक्षा मंत्री सेबेस्टियन लेकोर्नू को देश का नया प्रधानमंत्री नियुक्त किया है। 39 वर्षीय लेकोर्नू फ्रांस के इतिहास में सबसे कम उम्र के रक्षा मंत्री रहे हैं और 2030 तक बड़े सैन्य निर्माण की योजना के सूत्रधार माने जाते हैं। वह लंबे समय से मैक्रों के करीबी और वफादार सहयोगी रहे हैं।
लेकोर्नू को मैक्रों ने देश के विवादित राजनीतिक दलों को बजट पर सहमत कराने जैसी बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। हालांकि, उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है जब संसद ने विश्वास मत में उनके पूर्ववर्ती फ्रांस्वा बायरू और उनकी सरकार को गिरा दिया था। इससे यूरोप की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था के लिए एक और राजनीतिक संकट खड़ा हो गया है।
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