भागलपुर/ देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)
विकास खण्ड भागलपुर में नाले की पानी की निकासी जैसे समस्या से ग्रामीण जनता को छुटकारा दिलाने के लिए योगी सरकार ने आर्थिक विकास योजना के अन्तर्गत वित्तीय वर्ष 2021 – 022 में 90•220 लाख रुपए की लागत से 0•871 किमी नाली एवं सड़क निर्माण कार्य के लिए ग्रामीण अभियंत्रण विभाग प्रखण्ड देवरिया को जिम्मेदारी दी है, लेकिन विभाग और ठेकेदार की लापरवाही के कारण निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है।
भागलपुर मुख्य बाजार में विद्यासागर सिंह के घर से राजेन्द्र मौर्या के घर से होते हुए अमित तिवारी के ट्यूबवेल से लेकर भागलपुर अस्पताल मार्ग पर श्याम बिहारी मौर्या के घर तक नाली और सड़क निर्माण कार्य के लिए बजट दिया गया । किन्तु ग्रामीण अभियंत्रण विभाग देवरिया के ठेकेदार द्वारा ग्राम पंचायत की सड़क को बीच से खुदाई कराकर नाली निर्माण का कार्य शुरू किया गया। नाली निर्माण कार्य में विभाग और ठेकेदार की सांठगांठ से ग्राम पंचायत की सड़क की खुदाई में निकाली गई ईंट को नीचे की सतह में बगैर गिट्टी डाले नाली के नीचे सतह पर लगा दिया गया। ग्रामीणों ने विभाग से इसकी शिकायत किया कि नाली का निर्माण कार्य में नीचे की सतह पर गिट्टी की ढलाई नहीं कराया गया है, बगैर गिट्टी डाले मानक के विपरीत नाली का निर्माण कार्य कराया गया है,अभी नाली को ढकने का कार्य शुरू नहीं हो सका है। सड़क के बीच में बना खुला नाली दुर्घटना को दावत दे रहा है। ग्रामीणों ने इसकी शिकायत विभाग से कई बार किया लेकिन विभाग मूकदर्शक बना हुआ है। और ठेकेदार को घपला करने की खुली छूट दे दिया गया है। ठेकेदार की मनमानी और विभाग की लापरवाही का यह आलम है कि खुली नाली बरसात में चारों तरफ से कीचड़ और पानी से पटा पड़ा है नाली के चारों तरफ की मिट्टी के गीले होने से कई लोग गिरकर हो चुके है इसके बावजूद विभाग और ठेकेदार की आंखे नही खुल रही हैं।

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By RKP News गोविन्द मौर्य

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