बरहज/देवरिया(राष्ट्र कि परम्परा)
शनिवार को अपराह्न परसिया देवार के निवासियों एवं दूध बेचने वालों ने नदी उस पार घाट के किनारे नाव न पहुंचने से नाराज होकर प्रदर्शन करने लगे। ग्रामीणों का कहना है कि एक महीने से सरकारी नाव नहीं चलाई जा रही है, प्राइवेट नाव से 50 रूपये भाड़ा देकर अपनी जान जोखिम मे डाल कर रोजमर्रा कार्य के लिए बरहज आना पड़ता है। इस समस्या के निवारण हेतु पी डब्लू डी के अधिकारीयों से बार बार कहा जाता है लेकिन वें अनसुना कर देते है। पूछे जाने पर लोक निर्माण विभाग के अवर अभियंता अखिलेश राम ने बताया कि जल स्तर खतरे के निशान से ऊपर है इस लिए शासन के तरफ से नाव नहीं चलाई जा रही है, जल स्तर कम होने पर शासन कि तरफ से नाव संचालित किया जाएगा।
उत्तीर्ण अभ्यर्थियों का साक्षात्कार अप्रैल के तीसरे सप्ताह से गोरखपुर(राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के थाना कोतवाली खलीलाबाद पुलिस ने मादक पदार्थों…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के विकासखंड सांथा के सुकरौली और खजुरी गांवों…
कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)। जिले के तमकुहीराज क्षेत्र में ग्रीनलैंड पब्लिक स्कूल के पास सूखा…
बरहज/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)l नगरपालिका स्थित बाबा राघव दास भगवानदास महिला महाविद्यालय आश्रम में छात्रों के…
पिता की देखभाल न करने पर वेतन से 15 प्रतिशत त्वरित कटौती: सामाजिक न्याय,नैतिक जिम्मेदारी…