बहराइच (राष्ट्र की परम्परा)l जनपद के आखिरी छोर पर बसे हुए वन ग्राम बिछिया की खुशी मद्धेशिया ने जिले में इंटरमीडिएट की विज्ञान वर्ग से परीक्षा में दूसरा स्थान लाकर जिले एवं क्षेत्र का नाम रोशन किया है। बता दें कि खुशी ने अपने पिता को 10 वर्ष पूर्व ही खो दिया था पिता को खोने के बाद खुशी की मां सरोज देवी ने अपनी मेहनत और लगन से खुशी को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया और उन्होंने सेवार्थ फाउंडेशन की ओर से ₹2000 प्रति महीने मिलने वाले वेतन से खुशी को पढ़ाना शुरू किया सर्वोदय इंटर कॉलेज मिहींपुरवा से खुशी ने इस वर्ष इंटरमीडिएट की परीक्षा में जिले में दूसरा स्थान लाकर अपने स्वर्गीय पिता की आत्मा को प्रसन्न कर दिया माता की मेहनत संघर्ष का यह प्रतिफल है। खुशी की खुशियां 10 वर्ष पूर्व ईश्वर ने छीन ली थी जब उसके पिता वशिष्ठ की कच्ची दीवार के गिरने से दबकर मौत हो गई थी पूरे वन ग्राम क्षेत्र में खुशी की लहर दौड़ गई है।
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वाराणसी(राष्ट्र की परम्परा)मंडल रेल प्रबंधक आशीष जैन के निर्देशन एवं वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक प्रशस्ति…
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गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय के राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के सक्रिय…
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संतकबीरनगर (राष्ट्र की परम्परा)। सड़क पर रहने वाले अनाथ, परित्यक्त और असहाय व्यक्तियों के चिन्हांकन…