विद्यालय में धूमधाम से मनायी गयी वाल्मीकि जयंती

महर्षि वाल्मीकि का जीवन समाज का दर्पण– डॉ हरिन्द्र यादव

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। महर्षि वाल्मीकि का जीवन सदैव के लिए प्रेरणास्रोत संस्कार तथा सर्वोच्च सभ्यता प्रदान करने वाला है। लौकिक संस्कृत साहित्य का सूत्रपात महर्षि वाल्मीकि के द्वारा किया गया। जिस महान ग्रंथ की रचना से लोग अपने जीवन शैली को सुदृढ़ करने का प्रयास करते हैं उस महान ग्रंथ रामायण के रचयिता आदि कवि वाल्मीकि जी हैं। महर्षि वाल्मीकि का प्रारंभिक जीवन संघर्षों से पूर्ण रहा माता सरस्वती की कृपा ने उनके जीवन को आने वाले पीढ़ियों के लिए आदर्श के रूप में प्रस्तुत कर दिया। उक्त बातें दिग्विजय नाथ इंटरमीडिएट कॉलेज चौक बाजार में वाल्मीकि जयंती के अवसर पर प्रधानाचार्य डॉ. हरिन्द्र यादव ने कही। कार्यक्रम में लेफ्टिनेंट शेषनाथ दिलीप पांडेय तथा रामसुखी यादव ने भी अपने विचार प्रस्तुत किये। विद्यालय परिवार द्वारा महर्षि वाल्मीकि के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की गई। इस अवसर पर एनसीसी कैडेट्स राष्ट्रीय सेवा योजना के स्वयंसेवक तथा स्काउट और गाइड के साथ विद्यालय के समस्त8 अध्यापक अध्यापिका और कर्मचारी उपस्थित रहे।

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