बिजली विभाग की लापरवाही पोल, मौत को दावत देता लटकता तार

महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। ठूठीबारी कस्बा के आदर्श नगर मोहल्ले में बिजली विभाग की लापरवाही लोगों की जान पर भारी पड़ सकती है।मार्कण्डेय पाठक के दरवाजे पर लगे पोल से बिजली का फालतू तार नीचे लटक रहा है, जो राहगीरों के सिर से टकरा रहा है। स्थानीय निवासी प्रमोद रौनियार, दीप नारायण रौनियार, अरुण पाठक, सोनू अंसारी व पप्पू कुमार सहित अन्य लोगों ने बताया कि उक्त तार में करंट प्रवाहित हो रहा है, बावजूद इसके विभाग अब तक अनदेखी कर रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई सुनवाई नहीं हुई। हालात यह हैं कि बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग हर समय डर के साये में जी रहे हैं कि कहीं यह तार उनकी जिंदगी पर भारी न पड़ जाए। मोहल्ले में आने-जाने वाले राहगीरों के लिए भी यह तार बड़ी मुसीबत बन गया है। स्थानीय लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते विभाग ने इस पर ध्यान नहीं दिया तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से मांग की है कि तुरंत तार को व्यवस्थित कर सुरक्षित बनाया जाए, अन्यथा किसी भी अनहोनी की पूरी जिम्मेदारी विभाग की होगी। लटकते तार ने खोली विभाग की पोल, हर वक्त मंडरा रहा हादसे का खतरा आदर्श नगर मोहल्ले की यह समस्या महज एक लटका हुआ तार नहीं, बल्कि बिजली विभाग की लापरवाही की पोल खोलने वाली तस्वीर है। ग्रामीणों का कहना है कि यह तार लंबे समय से पोल से नीचे झूल रहा है और कई बार शिकायत करने के बाद भी विभाग का कोई कर्मचारी मौके पर नहीं पहुंचा। यहां तक कि स्थानीय लोग खुद लकड़ी या रस्सी से तार को संभालने की कोशिश कर चुके हैं, लेकिन करंट होने के कारण कोई जोखिम उठाने को तैयार नहीं है। जानकार बताते हैं कि विभाग की उदासीनता का नतीजा है कि छोटे-छोटे मोहल्लों और कस्बाई क्षेत्रों में इस तरह की समस्या आम हो गई है। कहीं ट्रांसफार्मर से तेल टपक रहा है तो कहीं खुले तार झूल रहे हैं। अधिकारी केवल कागजों में कार्यवाही दिखाकर खानापूर्ति कर रहे हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे उलट है। आदर्श नगर की घटना ने एक बार फिर यह सवाल खड़ा कर दिया है कि आखिर बिजली विभाग लोगों की सुरक्षा को लेकर कितना संवेदनशील है। यदि तार में करंट प्रवाहित न होता तो इसे केवल लापरवाही कहा जा सकता था, लेकिन अब यह सीधे तौर पर जानलेवा खतरा है। स्थानीय लोग कहते हैं कि बारिश के मौसम में खतरा और भी ज्यादा बढ़ गया है। गीली जमीन और पानी से भरे रास्तों में यह तार किसी भी पल हादसे का सबब बन सकता है। ऐसे में विभाग को तुरंत गंभीरता दिखानी चाहिए। वरना एक बड़ी दुर्घटना के बाद केवल जांच बैठाने से कोई समाधान नहीं मिलेगा।

Karan Pandey

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