लखनऊ/आगरा/बुलंदशहर, ।उत्तर प्रदेश में मंगलवार और बुधवार को हुए तीन अलग-अलग सड़क हादसों ने पूरे प्रदेश को दहला दिया। इन घटनाओं में कुल 11 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि कई अन्य घायल हो गए। हादसों की भयावहता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई और शव क्षत-विक्षत अवस्था में मिले।
दिल्ली से बिहार जा रही एक वोल्वो बस मंगलवार को तड़के आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर एक ट्रक से जा टकराई। इस हादसे में दो यात्रियों की मौत हो गई, जबकि करीब 15 लोग घायल हुए हैं। घायलों को पास के अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के मुताबिक, बस चालक को झपकी आने की आशंका जताई जा रही है। हादसे के बाद एक्सप्रेसवे पर लंबा जाम लग गया।
बुधवार सुबह आगरा में एक और दर्दनाक हादसा हुआ। फिरोजाबाद से आम लेकर आ रहा एक लोडर वाहन ट्रांस यमुना क्षेत्र में फ्लाईओवर से नीचे गिर गया। वाहन के नीचे दबकर फ्लाईओवर के नीचे बैठे तीन बुजुर्गों – राजेश (65), रामेश्वर (60) और हरिबाबू (63) की मौके पर ही मौत हो गई। वाहन चालक 22 वर्षीय कृष्ण की भी जान चली गई। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि चालक को नींद की झपकी आई थी, जिसके चलते वाहन अनियंत्रित होकर नीचे गिर पड़ा।
तीसरी और सबसे भीषण दुर्घटना बुलंदशहर में हुई, जहां एक तेज रफ्तार कार जानीपुर गांव के पास पुलिया से टकराकर पलट गई और देखते ही देखते उसमें आग लग गई। कार में सवार सभी छह लोग बदायूं में एक शादी से लौट रहे थे। हादसे में पांच लोगों की जलकर मौत हो गई, जबकि गुलनाज नामक एक महिला गंभीर रूप से झुलस गई है, जिसका अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस के मुताबिक, सुबह करीब 5.50 बजे ड्राइवर को झपकी आने के कारण हादसा हुआ।
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