इस्लामाबाद/वॉशिंगटन/तेहरान (राष्ट्र की परम्परा)। अमेरिका और ईरान के बीच हालिया वार्ता विफल होने के बाद पाकिस्तान की ओर से पहली प्रतिक्रिया सामने आई है। पाकिस्तान के विदेश मंत्री Ishaq Dar ने कहा कि उनका देश दोनों पक्षों के बीच संवाद बनाए रखने और सीजफायर की अवधि बढ़ाने का समर्थन करता है।
पाकिस्तान ने निभाई मध्यस्थ की भूमिका
इशाक डार ने बताया कि पाकिस्तान ने अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत कराने की पूरी कोशिश की।
• सीजफायर बढ़ाने की अपील
• बातचीत जारी रखने पर जोर
• क्षेत्र में तनाव कम करने की कोशिश
उन्होंने उम्मीद जताई कि दोनों देश मौजूदा संघर्षविराम का पालन करेंगे।
अमेरिका की सख्त शर्तें बनीं रुकावट
वार्ता के दौरान United States ने Iran के सामने कई कड़े प्रस्ताव रखे:
• यूरेनियम संवर्धन पूरी तरह बंद (Zero Enrichment)
• करीब 900 पाउंड यूरेनियम भंडार बाहर भेजने की मांग
इन्हीं शर्तों के कारण दोनों देशों के बीच सहमति नहीं बन सकी।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज़ पर भी विवाद
Strait of Hormuz को लेकर भी मतभेद सामने आए।
• अमेरिका इस अहम समुद्री मार्ग की सुरक्षा अपने नियंत्रण में रखना चाहता है
• यह रास्ता वैश्विक तेल सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण है
सीजफायर पर मंडरा रहा खतरा
करीब 40 दिन पहले लागू हुए सीजफायर के बावजूद हालात पूरी तरह सामान्य नहीं हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर बातचीत जल्द दोबारा शुरू नहीं हुई, तो संघर्षविराम लंबे समय तक टिक नहीं पाएगा।
पाकिस्तान की कोशिशों के बावजूद अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता का असफल होना क्षेत्रीय स्थिरता के लिए चिंता का विषय है। अब नजर इस बात पर है कि क्या भविष्य में कोई नई कूटनीतिक पहल इस गतिरोध को खत्म कर पाएगी।
✍️ संजय एम. तराणेकर कलाई पर बंधता धागा है,पर बंधता है उससे विश्वास,बहन की आँखों…
महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। भारत-नेपाल सीमा क्षेत्र में तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान…
गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत खोराबार…
भारत में स्वाइन फ्लू वायरस (एच1एन1) फिर सुर्खियों में :दिल्ली से कर्नाटक- महाराष्ट्र तक बढ़ते…
शामली (राष्ट्र की परम्परा)। उत्तर प्रदेश के शामली में लोकप्रिय हरियाणवी गायक अंकित बालियान की…
गोरखपुर गोरक्ष प्रांत योजना बैठक—कार्ययोजना 2026 यह बैठक विश्व हिंदू परिषद, गोरक्ष प्रांत, गोरखपुर, योजना…