भारत के लिए आज का दिन ऐतिहासिक हो सकता है। उम्मीद की जा रही है कि यूनेस्को आज (बुधवार) दीपावली को अपनी अमूर्त सांस्कृतिक विश्व धरोहर (Intangible Cultural Heritage) सूची में शामिल करने की घोषणा कर सकता है। इसी संभावित उपलब्धि का उत्सव मनाने के लिए देशभर की प्रमुख ऐतिहासिक धरोहरों को दीपों और विशेष रोशनी से सजाया जा रहा है।
लाल किले से हो सकता है आधिकारिक ऐलान
दिल्ली स्थित लाल किले में इस समय यूनेस्को की अमूर्त विश्व धरोहर बैठक चल रही है, जिसमें 180 देशों के प्रतिनिधि भाग ले रहे हैं। केंद्र सरकार के सूत्रों के अनुसार, चर्चा के बाद दिवाली को सूची में शामिल किए जाने का औपचारिक एलान यहीं से किया जा सकता है।
दिवाली माहौल में सजेगा लाल किला
लाल किले में विदेशी मेहमानों और यूनेस्को प्रतिनिधिमंडल का स्वागत दीप, मिट्टी के दीये और विशेष रंगोलियों से किया जा रहा है। सांस्कृतिक विरासत विशेषज्ञ, एनजीओ और इंटरनेशनल डेलिगेट भी इस कार्यक्रम में शामिल होंगे, जहां दिवाली की परंपराओं का प्रदर्शन किया जाएगा।
भारत की पहले से मौजूद 15 अमूर्त धरोहरें
भारत ने मार्च 2024 में दिवाली को यूनेस्को की अमूर्त धरोहर सूची में शामिल करने का प्रस्ताव भेजा था। यदि आज इसकी घोषणा हो जाती है, तो यह भारत की 16वीं अमूर्त सांस्कृतिक धरोहर बन जाएगी।
वर्तमान में सूची में शामिल प्रमुख भारतीय सांस्कृतिक परंपराएं हैं—
दुर्गा पूजा, कुंभ मेला, वैदिक मंत्रोच्चार, रामलीला, छऊ नृत्य आदि। भारत सरकार और दिल्ली प्रशासन विदेशी मेहमानों के सामने दिवाली की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक समृद्धि को प्रस्तुत करने की व्यापक तैयारी में जुटे हुए हैं।
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