बिहार की जनता को अबकी बार चुनाव में जागरूक होना होगा तभी, बिहार के साथ न्याय होगा

लेखक- चंद्रकांत सी पूजारी


गुजरात से राष्ट्र की परम्परा के साथ बिहार तक बिहार विधानसभा चुनाव की तिथियों की घोषणा हो गई है। बिहार में 2 चरणों में विधानसभा चुनाव होंगे। पहले चरण के लिए 6 नवंबर और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोटिंग होगी।
पहले चरण की अधिसूचना 10 अक्टूबर को जारी होगी। नामांकन की प्रक्रिया 17 अक्टूबर से शुरू होगी। नामांकन की जांच 18 अक्टूबर को होगी। दूसरे चरण का नोटिफिकेशन 13अक्टूबर को होगा। नामांकन 20 अक्टूबर तक किए सकेंगे। नाम वापस लेने की तिथि 23 अक्तूबर है। वोटों की गिनती 14 नवंबर को होगी।
बिहार, जो अपनी ऐतिहासिक विरासत, समृद्ध संस्कृति और बुद्धि के लिए जाना जाता है, आज भी विकास की राह में कई चुनौतियों से जूझ रहा है। इन चुनौतियों का मूल कारण केवल व्यवस्था की कमियाँ नहीं हैं, बल्कि जनता की राजनैतिक असावधानी भी है। इसलिए आने वाले विधानसभा चुनावों में बिहार की जनता को पहले से कहीं अधिक जागरूक और जिम्मेदार मतदाता बनकर सामने आना होगा।
राजनीति केवल नेताओं की कुर्सी की लड़ाई नहीं होती, बल्कि यह जनता के भविष्य की दिशा तय करती है। लेकिन अक्सर देखा गया है कि जाति, धर्म, या छोटी-छोटी सुविधाओं के नाम पर लोग अपने अमूल्य वोट का दुरुपयोग कर बैठते हैं। नतीजा यह होता है कि चुनाव जीतने वाले नेता जनता की असली समस्याओं — शिक्षा, स्वास्थ्य, बेरोज़गारी, भ्रष्टाचार और अपराध — से दूर होते चले जाते हैं।
अबकी बार बिहार की जनता को यह समझना होगा कि वोट केवल अधिकार नहीं, जिम्मेदारी भी है। किसी उम्मीदवार को केवल चेहरे या पार्टी के नाम पर नहीं, बल्कि उसकी नीतियों, कामकाज और ईमानदारी पर परखना जरूरी है। जनता को यह सोचना चाहिए कि कौन सा प्रतिनिधि बिहार के युवाओं के लिए रोजगार ला सकता है, कौन सड़कों और अस्पतालों की हालत सुधार सकता है, और कौन वास्तव में गांवों तक विकास पहुँचा सकता है।
सोशल मीडिया के इस युग में जानकारी की कोई कमी नहीं है। इसलिए हर नागरिक को चाहिए कि वह नेताओं के वादों की जांच करे, पिछले कामों का मूल्यांकन करे और वोट डालने से पहले सोच-समझकर निर्णय ले। यही सच्चे लोकतंत्र की पहचान है।
यदि बिहार की जनता इस बार सच में जागरूक होकर मतदान करेगी, तो न केवल सही सरकार बनेगी, बल्कि आने वाली पीढ़ियाँ भी एक बेहतर बिहार का सपना साकार होते देखेंगी।
अबकी बार बिहार की जनता को जाति, धर्म या प्रलोभन से ऊपर उठकर विकास और सुशासन को वोट देना होगा। क्योंकि जब जनता जागरूक होती है, तभी लोकतंत्र मजबूत होता है — और जब लोकतंत्र मजबूत होता है, तभी बिहार सच में “बुद्ध की धरती” से “विकास की धरती” बनता है।

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Editor CP pandey

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