बहराइच (राष्ट्र की परम्परा) । पहलगांव में निहत्थे पर्यटकों पर जो कायराना हमला हुआ है उसने हर किसी को झकझोर दिया है हंसते खेलते परिवारों के बिखर जाने की घटना से हर कोई सहमा हुआ है हम सब जानते हैं कि कश्मीर अब भी आतंक के साए में है ऐसे में सवाल यह है कि जब एक आम नागरिक इस बात को समझ रहा है तो फिर सरकार के स्तर पर इतनी भारी चूक कैसे हुई सुरक्षा को लेकर लापरवाही क्यों बरती गई पर्यटकों के लिहाज से भीड़भाड़ वाले स्थान पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम क्यों नहीं किए गए। कश्मीर देश की सुरक्षा के लिहाज से सबसे संवेदनशील राज्य है वहां पर सेना के साथ अर्ध-सैनिक बल और स्थानीय पुलिस के हजारों जवान तैनात हैं। अलग स्तर पर खुफिया एजेंसी काम कर रही है फिर भी इतना बड़ा हमला होने का मतलब है कहीं तो चूक हुई है भले ही आतंकवाद से पूरा विश्व परेशान हो लेकिन निपटना सबको अपने तरीके से ही है भारत को भी आतंकवाद पर लगाम लगाम के लिए खुद ही गंभीर होना पड़ेगा और आतंकवादियों पर कड़ी से कड़ी कार्रवाई करनी होगी भारत के मामले में साफ है कि पाकिस्तान की शह पर ही आतंक का पूरा खेल चलता है। हमें अपनी सेना पर पूरा भरोसा है और हम हर कदम पर उनके साथ हैं हमले के बाद सरकार ने जो सक्रियता दिखाई है वह जरूरी थी और यह जारी भी रहनी चाहिए देश हित में बहुत ही आवश्यक है।
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