मधुबन के उनदूरा में दो दिवसीय सालाना उर्स अकीदत के साथ संपन्न

मोहम्मद मोइनुद्दीन साहब व हजरत मोहम्मद मुख्तार अहमद साहब की मजारों पर चादरपोशी एवं सामूहिक दुआ के साथ हुआ उर्स का समापन

मऊ ( राष्ट्र की परम्परा ) जनपद मऊ के मधुबन तहसील क्षेत्र अंतर्गत उन्दुरा में दो संतों हजरत शाह मोहम्मद मोइनुद्दीन साहब का 77 वां और हजरत शाह मोहम्मद मुख्तार अहमद साहब का 39 वां सालाना दो दिवसीय उर्स पुरे अकीदत के साथ सम्पन्न हुआ। शरीर को झूलसा देने वाली तेज धूप एंव उमस भरी गर्मी से हर कोई बेहाल नजर आया। बावजूद इसके दो संतों के इस मजार के प्रति लोगों की आस्था मौसम पर भारी पड़ा । देश के कोने कोने से बड़ी संख्या में जायरीन पहुंचे जिसमें दोनों समुदाय के लोग शामिल रहे। दोनों संतों के मजार पर अपना मत्था टेक अपने एवं अपने परिवार के लिये दुआएं मांगी। उर्स का समापन दोनों मजारों पर चादरपोशी एंव सामूहिक दुआ के साथ हुई। दो दिवसीय सालाना उर्स की शुरुआत कुरआन की तिलावत के साथ हुई। दिन भर मजलिस का दौर चलता रहा। शाम को असर की नमाज के बाद यानी 5 बजे मजार के वर्तमान सज्जादा नशीन शाह मोहम्मद इजहार अहमद मोईनी की अगुवाई में नातिया कव्वाली के साथ चादर पोशी का जुलूस निकला। मगरिब की नमाज के ठीक पहले यानी शाम के लगभग 6:30 बजे दोनों संतों के मजार पर चादर पोशी की रस्म अदा की गई।

हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है मजार……

यह मजार हिन्दू-मुस्लिम एकता का प्रतीक है। यही वजह है कि यहां आयोजित होने वाले सालाना उर्स में महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, बिहार, राजस्थान, मध्यप्रदेश सहित देश के कई प्रांतों से हजारों की संख्या में जायरीन पहुंचे। उर्स में गंगा यमुनी तहजीब का अनुंठा उदाहरण देखने को मिला ।

बच्चों ने उठाया मेला का लुत्फ़……

एक तरफ जहां उर्स में आए जयरीनों ने मजार पर अकीदत से सिर झुकाये तो वहीं दूसरी तरफ अपने अभिभावकों संग आए छोटे-छोटे बच्चों ने यहां लगे मेला का भरपूर आनंद उठाया। मेला स्थल पर बच्चों के मनोरंजन के लिए कई प्रकार के झूले मौजूद थे। वहीं महिलाओं ने जम कर खरीदारी की।

प्रशासन को दिया धन्यवाद….

मजार कमेटी के प्रबंधक शाह गुलाम मोहम्मद नूरानी ने उर्स को सकुशल संपन्न कराने के लिए स्थानीय पुलिस प्रशासन के योगदान की सराहना की जो दिन रात पूरी मुस्तैदी के साथ अपनी ड्यूटी को अंजाम देने में लगे रहे। उन्होंने उर्स में आए सभी जयरीनों के प्रति आभार प्रकट किया।

इनका रहा योगदान….

सालाना उर्स को शकुशल संपन्न कराने में मजार कमेटी से जुड़े एडवोकेट शाह मोहम्मद अहमद, शाह मोहम्मद इकबाल, शाह मोहम्मद शाहिद, विश्वजीत सिंह, दिनेश कुमार, आलमगीर उर्फ़ नन्हे भाई, सुहैल अहमद, रहमत अली, बिस्मिल्लाह अब्दुल्ला, बृजवासी चौहान, मोहम्मद राजा अली, मोहम्मद सादिक जैसे लोगों ने अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

rkpnews@desk

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