महराजगंज (राष्ट्र की परम्परा)। घुघली ब्लॉक के सिसवा मुंशी के पास स्थित पंचायत सभा लक्ष्मीपुर खास में सरकारी योजनाओं की असल तस्वीर एक गरीब परिवार की मजबूरी में साफ दिखाई देती है। यहां रहने वाली साबरुन पत्नी रईस वर्षों से सरकारी मदद की राह देख रही हैं, लेकिन आज तक साबरुन को नहीं मिला आवास। गरीबी और बेबसी के बीच जीवन काट रही यह महिला अपने छोटे बेटे के साथ फूस की मड़ई को ही घर मानने को विवश है।
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साबरुन का कहना है कि आवास के लिए उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना व अन्य सरकारी योजनाओं के अंतर्गत कई बार आवेदन किया, ग्राम प्रधान से लेकर ब्लॉक और जिला स्तर तक अधिकारियों के चक्कर लगाए, लेकिन हर बार सिर्फ आश्वासन ही मिला। पूरा प्रधानी कार्यकाल बीत गया, पर साबरुन को नहीं मिला आवास, न ही उनका नाम सूची में जोड़ा गया।
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फूस की कच्ची मड़ई में रहकर यह परिवार बारिश, ठंड और गर्मी जैसे हर मौसम से लड़ने को मजबूर है। खाने-पीने से लेकर पहनने-ओढ़ने तक की दैनिक जरूरतें पूरा करना भी इनके लिए एक बड़ी चुनौती है।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायत में कई ऐसी महिलाएं और गरीब परिवार हैं जिन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ नहीं मिला, जबकि कई अपात्र लोग लाभान्वित हो चुके हैं। यह स्थिति सरकार के “हर गरीब को पक्का घर” जैसे दावों पर गंभीर सवाल खड़ा करती है।
ग्रामीणों व सामाजिक संगठनों ने प्रशासन से मांग की है कि साबरुन को तुरंत आवास योजना का लाभ दिलाया जाए, ताकि वह और उसका परिवार सम्मानजनक जीवन जी सके और योजनाओं का वास्तविक उद्देश्य पूरा हो सके।
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