Categories: Uncategorized

देश की बदलती राजनीतिज्ञों की राजनीति चिंता का विषय बनती जा रही है-चंद्रकांत सी पूजारी

लोकतंत्र के उसूल घायल हो रहे हैं- चंद्रकांत सी पूजारी

गुजरात (राष्ट्र की परम्परा)। देश की बदलती राजनीतिज्ञों की राजनीति चिंता का विषय बनती जा रही है, लोकतंत्र के उसूल घायल हो रहे हैं?वर्तमान समय में देश की राजनीतिक का एक अलग ही रूप देखने के लिए मिल रहा है? पहले लोग राजनीति में हो रहे भ्रष्टाचार पर बातें किया करते थे परंतु अब सभी लोगों ने जैसे चुप्पी साध ली है जैसे भ्रष्टाचार जैसे कोई आम बात हो गई हो? यह बात कही न कही बिल्कुल सत्य हो गई है कि, भ्रष्टाचार आम बात हो गई है? राजनीति गलियारों से लेकर हर छोटे-बड़े संस्थानों में , विभागों में भ्रष्टाचार फैला हुआ है?हर व्यक्ति जैसे रुपयों के पीछे ऐसे भाग रहा है , जैसे सही ग़लत से उसे कोई लेना देना ही नहीं हो? नीति नियम से कोई लेना देना ही नहीं हो?बस किसी भी तरह रुपया आना चाहिए चाहे तरीका सही हो या ग़लत? जब ऊपर भ्रष्टाचार फैला हो तो नीचे अपने आप आ ही जाता है,कहने का अर्थ यह है कि,जब संसद में भ्रष्टाचार फैला है तो सड़क तक आएगा ही? राजनीति और भ्रष्टाचार, दो ऐसे तत्व हैं जो आधुनिक समाज में गहरे रूप से जड़ जमा रहा हैं। भ्रष्टाचार का अर्थ है किसी सार्वजनिक कार्य या शक्ति का व्यक्तिगत लाभ के लिए दुरुपयोग करना, जो कि समाज के विकास और न्याय के सिद्धांतों के खिलाफ हो। जबकि राजनीति का उद्देश्य समाज के हितों की सेवा करना होता है, जबकि भ्रष्टाचार उसकी प्रक्रिया को विकृत करता है, राजनीति उद्देश्य को पूरा होने से रोकता है। आज के समय में राजनीतिज्ञों में भ्रष्टाचार का एक अलग ही रंग देखने को मिल रहा है , पहले सत्ता पक्ष के चंद लोग भ्रष्टाचार में लिप्त होते थे और विपक्षी दल उसका पर्दाफाश करतें थे, परंतु अब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों मिलकर कर भ्रष्टाचार के माध्यम से धन बटोर रहे हैं, यही एक वजह है कि, विपक्ष अब मूक बधिर होता जा रहा है?
इसका सबसे बड़ा उदाहरण बिहार है, जहां सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों मिलकर धन बटोर रहे हैं?और सत्तापक्ष का आलम यह है कि, हर परिस्थिति में, सत्तारूढ़ लोग सत्ता में रहते हैं और विपक्ष को भी रुपए बटोरने का इतना अवसर दिया जा रहा है कि,वह भी चुप हैं? विपक्षी दल वे राजनीतिक दल होते हैं जो सत्तारूढ़ पार्टी के विरोध में काम करते हैं और सरकार का हिस्सा नहीं होते। लोकतंत्र में विपक्ष का महत्वपूर्ण भूमिका होती है। इसका मुख्य उद्देश्य सरकार की नीतियों और फैसलों की आलोचना करना, उनका मूल्यांकन करना और सरकार की गलतियों को उजागर करना है।
जबकि सरकार में विपक्षी दल वे राजनीतिक दल होते हैं जो सत्तारूढ़ पार्टी के खिलाफ होते हैंऔर सरकार गठन में भाग नहीं लेते। उनका मुख्य उद्देश्य सत्तारूढ़ सरकार के निर्णयों और नीतियों की आलोचना करना होता हैं, उनके कार्यों की निगरानी करना होता है और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सुधार के लिए सुझाव देना होता है। विपक्षी दल संसद या विधानसभा में सरकार के फैसलों को चुनौती देते हैं और आम जनता के हितों की रक्षा के लिए काम करते हैं, जिसमें विपक्षी दलों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है,। क्योंकि वे सरकारी नीतियों और योजनाओं की पारदर्शिता सुनिश्चित करने में मदद करते हैं।
परंतु अब विपक्ष का एक नया ही रूप देखने को मिल रहा है कि, सत्तापक्ष के साथ मिलकर काम करना है ताकि, अपनी भ्रष्टाचारी रोटी अच्छे से सेंक सके? ये लोग अच्छे से जानते हैं कि, विपक्ष में हल्ला मचाने से कुछ नहीं मिलने वाला है, इसलिए सत्तारुढ़ पार्टी के साथ मिलकर रहना ही बेहतर समझते हैं? ऐसी सोच लोकतंत्र को विकृत कर रहा है?देश के भविष्य को लेकर चिंता पैदा कर रहा है? भारत में विपक्षी दलों का एक संगठनात्मक है जिसे “संयुक्त विपक्ष” भी कहा जाता है, जिसमें विभिन्न दल मिलकर एक साथ सरकार के खिलाफ काम करते हैं। लेकिन अब विपक्ष चुप हैं?
इन सब का कारण हमारे समाज में नैतिक मूल्यों की गिरावट होती जा रही है? जब नेता और अधिकारी व्यक्तिगत लाभ को सर्वोपरि मानते हैं और नैतिकता की अवहेलना करते हैं, तो यह भ्रष्टाचार को बढ़ावा मिलता है , और ऐसे लोगों की संख्या दिन-प्रतिदिन बढ़ती जा रही है जो‌ भ्रष्टाचार में लिप्त है?
वर्तमान में रूपयों की हवस ने लोगों में राष्ट्रीयता की भावना कम कर दी है और भौतिकता की भावना बढ़ती जा रही है जिस कारण भ्रष्टाचार बढ़ता जा रहा है, और लोकतंत्र की परिभाषा को बदल रहा है जो चिंता का विषय है?हम सब को उक्त स्थिति पर ध्यान देना होगा तभी सुधार की संभावना बन सकती है।

Karan Pandey

Recent Posts

सिकंदरपुर–बालूपुर मार्ग पर बड़ा हादसा, नीलगाय से टकराकर बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l सिकंदरपुर बालूपुर मुख्य मार्ग पर हरदिया गांव के पास शनिवार की शाम…

4 minutes ago

जिलाधिकारी के निर्देश पर ददरी मेले में विशेष सरकारी प्रदर्शनी आकर्षण का केंद्र

बलिया(राष्ट्र की परम्परा)l ऐतिहासिक ददरी मेला इस वर्ष भी अपनी सांस्कृतिक विरासत और पारंपरिक उत्सवधर्मिता…

11 minutes ago

सलेमपुर तहसील के लेखपाल आशीष कुमार की अचानक मौत, सहकर्मियों ने काम के अत्यधिक दबाव को बताया संभावित कारण

सलेमपुर/देवरिया(राष्ट्र की परम्परा)। तहसील सलेमपुर में तैनात लेखपाल आशीष कुमार, निवासी परसन टोला धनगढा, का…

16 minutes ago

महराजगंज का सबसे बड़ा युवा महोत्सव—इनोवेशन और लोककला की चमक से जगमगाया जनपद स्तरीय युवा उत्सव

महराजगंज(राष्ट्र की परम्परा)। जिले में शनिवार का दिन युवाओं की ऊर्जा, प्रतिभा और नवाचार के…

24 minutes ago

सिकंदरपुर–बालूपुर मार्ग पर बड़ा हादसा: नीलगाय से टकराकर बाइक सवार बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल

बलिया (राष्ट्र की परम्परा)। सिकंदरपुर–बालूपुर मुख्य मार्ग पर हरदिया गांव के पास शनिवार शाम एक…

48 minutes ago

खिचड़ी मेले को लेकर सीएम योगी का समीक्षा बैठक

गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शनिवार को गोरखनाथ मंदिर के सभाकक्ष में सीएम योगी ने अधिकारियों…

54 minutes ago