सूचना प्रदान करने की 30 दिनों की अवधि है, लक्ष्मण रेखा

सूचनाओं का सृजन स्वयं से न करे

सूचना अधिकार कानून का उद्देश्य सद्भावनापूर्वक व सकारात्मक सोच के साथ सूचना प्रदान करना है।

कुशीनगर (राष्ट्र की परम्परा)
राज्य सूचना आयुक्त सुभाष चन्द्र सिंह द्वारा शुक्रवार को कलेक्ट्रेट सभागार में जनपद में सूचना के अधिकार के संबंध में बैठक की गई।
आरटीआई के बारे में गहनता पूर्वक नियमो के बारे मे जानकारी दी।उसके बाद अधिकारीगणों को संबोधित करते हुए राज्य सूचना आयुक्त ने उनकी सूचना के अधिकार के संबंध में बारी बारी से जिज्ञासाओं को शांत किया तथा इस क्रम में सूचना अधिकार के विधिक पहलुओं से उन्होनें अधिकारीगणों को अवगत कराया। उन्होंने अवगत कराया की यह उनकी तीसरी बैठक है कुशीनगर में एवं आरटीआई के नियमो के विषय पर गहनता से विशेष व्याख्या किए।
राज्य सूचना आयुक्त ने कहा कि सूचना देने में अनावश्यक विलंब नहीं करनी चाहिए व निर्धारित तय अवधि 30 दिनों के अंदर सूचना प्रदान की जानी चाहिए। 30 दिनों की अवधि को उन्होनें लक्ष्मण रेखा बताते हुए कहा कि ससमय सूचना प्रदान की जाए। उन्होंने बताया कि स्पष्ट रूप में सादे कागज पर प्रारूप के तहत दिए गए आवेदन स्वीकार्य होने चाहिए। जो सूचनाएं नहीं दी जा सकती उन सूचनाओं को इनकार करने की भी सूचना दें, उसके बारे में स्पष्ट उल्लेख करे। अगर सूचना किसी अन्य विभाग से संबंधित है तो स्पष्ट रूप से उसका अंतरण अन्य विभाग को करे और लिखे की यह मेरे विभाग से संबंधित नहीं है। अपने पास आर.टी.आई कभी भी लंबित न रखें।उसका जवाब 30 दिनों के भीतर अवश्य दें।अगर कोई वादी का किसी प्रश्न से क्यो का बोध हो तो उसकी सूचना न दे।
सूचना अगर विस्तृत हो तो उसके बारे में भी अवगत कराए की इसमें समय लगेगा।
सूचना आयुक्त ने कहा कि वादी द्वारा मांगी गई सूचना देने में वही भाव रखें जो यदि खुद के द्वारा इस अधिनियम के तहत मांगी गई सूचना की प्राप्ति की अपेक्षा में रहता। उन्होंने कहा कि वादी के स्थान पर स्वयं रहकर हमेशा सोचना चाहिए और सूचनाओं का उतर अविलंब दे देना चाहिए।आर टी आई का उद्देश्य बताते हुए आयुक्त ने कहा कि सद्भावनापूर्वक सूचना दी जानी चाहिए। उन्होनें कहा अधिकारियों को सूचना के अधिकार अधिनियम की मूलभूत जानकारी रखनी चाहिए। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचनाओं के संदर्भ में लोकहित को प्राथमिकता दी जानी चाहिए तथा सूचनाओं को प्रदान करने में अनावश्यक विलंब नहीं किया जाना चाहिए। सूचना के अधिकार के तहत मांगी गई सूचना के संदर्भ में पूरी जानकारी मसलन सूचना कब प्राप्त हुई, सूचना का विषय, सूचना की स्थिति आदि के संदर्भ में पूरी जानकारी एक पंजिका में रखी जानी चाहिए।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी गुंजन द्विवेदी,अपर जिलाधिकारी वैभव मिश्र,अपर पुलिस अधीक्षक रितेश कुमार सिंह, मुख्य चिकित्साधिकारी सुरेश पटारिया, समस्त उपजिलाधिकारी, तहसीलदार बीडीओ व जनपद स्तरीय अधिकारीगण /कर्मचारीगण मौजूद रहे।

rkpnews@desk

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