कुशीनगर( राष्ट्र की परम्परा) तमकुही विकास खंड के ग्राम पंचायत बरवाराजापाकड के बहुरिया टोला स्थित, कठबसिया देवी स्थान पर आयोजित 15 वेंं कठबसिया महोत्सव के सातवें दिन मंगलवार की रात्रि कथावाचक स्वामी विभूति नारायण महराज ने धनुष यज्ञ व राम सीता विवाह की कथा सुनाई।
कथावाचक ने कहा कि राजा जनक के दरबार में भगवान शिव का धनुष रखा हुआ था, एक दिन सीता ने घर की सफाई करते हुए उसे उठाकर दूसरी जगह रख दिया। जिसे देख राजा जनक को आश्चर्य हुआ, क्योंकि धनुष किसी से उठता नहीं था। राजा ने प्रतिज्ञा ली, कि जो इस धनुष पर प्रत्यंचा चढ़ाएगा, उसी से सीता का विवाह होगा। उन्होंने स्वयंवर की तिथि निर्धारित कर सभी देश के राजा और महाराजाओं को निमंत्रण पत्र भेजा। समय पर स्वयंवर की कार्रवाई शुरू हुई और एक-एक कर लोगों ने धनुष उठाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। गुरु की आज्ञा से श्रीराम धनुष उठा प्रत्यंचा चढ़ाने लगे तो वह टूट गया। धनुष टूटते ही जयकारे से पंडाल गूंज उठा। जिसके उपरात राम-सीता विवाह संपन्न हुआ। इस दौरान महंत नारायण दास, हरिकेश दास, विभूति ठाकुर आदि मौजूद रहे।
हर बार मौत, हर बार जांच और फिर वही जहरीली शराब—कब टूटेगा माफिया का नेटवर्क?…
पुलिस अधिकारियों पर अभद्रता व धमकी देने का आरोप, आश्वासन के बाद भी कार्रवाई न…
संत कबीर नगर (राष्ट्र की परम्परा)। शिक्षक बनने की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के लिए…
शिक्षा, साहित्य, साइबर सुरक्षा और तकनीकी जागरूकता से जुड़ी पांच नई पहलों का शुभारंभ पटना…
शिकारपुर तिराहे के पास हुआ हादसा, पुलिस ने घायल को अस्पताल पहुंचाया, गंभीर हालत में…
बरहज/देवरिया (राष्ट्र की परम्परा)। नगरपालिका स्थित सूरदास कुटी परिसर में सर्वजन सेवा समिति की बैठक…