गोरखपुर (राष्ट्र की परम्परा)। शहीद अशफाक उल्ला खां प्राणी उद्यान (गोरखपुर जू) से दुखद खबर सामने आई है। बब्बर शेर ‘भरत’ ने रविवार शाम अंतिम सांस ली। इटावा लायन सफारी से लाया गया यह शेर पिछले कुछ समय से बीमार चल रहा था।
भरत की अचानक तबीयत बिगड़ने के बाद उपचार के प्रयास किए गए, लेकिन डॉक्टरों ने उसे बचाने की पूरी कोशिश के बावजूद वह नहीं बच सका।
इटावा लायन सफारी से आया था ‘भरत’
भरत को एक साल पहले इटावा लायन सफारी से गोरखपुर लाया गया था। इससे पहले शेरनी मरियम की मौत के बाद गोरखपुर चिड़ियाघर का बाड़ा खाली हो गया था।
चिड़ियाघर प्रशासन ने संख्या बढ़ाने के लिए प्रयास किए, जिसके बाद प्रदेश सरकार की पहल पर बब्बर शेर ‘भरत’ और शेरनी ‘गौरी’ को इटावा से गोरखपुर भेजा गया।
मीट केक काटकर मनाया गया था 5वां जन्मदिन
भरत का 5वां जन्मदिन 26 जून 2024 को बड़े उत्साह के साथ मनाया गया था।
चिड़ियाघर के कर्मचारियों ने उसके लिए मीट से बना विशेष केक तैयार किया था और उस दिन सैकड़ों लोग उसे देखने पहुंचे थे।
भरत गोरखपुर जू के आगंतुकों के बीच काफी लोकप्रिय था। बच्चे और पर्यटक अक्सर उसकी दहाड़ सुनने के लिए उत्सुक रहते थे।
कैसे हुई मौत – पोस्टमार्टम से होगा खुलासा
चिड़ियाघर प्रशासन के मुताबिक, भरत की तबीयत रविवार दोपहर अचानक बिगड़ी। शाम तक उसने दम तोड़ दिया।
पोस्टमार्टम चिड़ियाघर के पोस्टमार्टम हाउस में किया जाएगा ताकि मौत के असली कारणों का पता लगाया जा सके।
प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, भरत लंबे समय से संक्रमण और कमजोरी से जूझ रहा था।
अब सिर्फ ‘पटौदी’ बचा है दर्शकों के लिए
भरत की मौत के बाद अब गोरखपुर चिड़ियाघर में केवल एक बब्बर शेर ‘पटौदी’ ही बचा है।
चिड़ियाघर प्रशासन ने कहा है कि शेरों की संख्या बढ़ाने के लिए नए प्रयास शुरू किए जाएंगे ताकि दर्शकों को दोबारा जोड़ी में शेर देखने का अवसर मिल सके।
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