सादुल्लानगर/बलरामपुर(राष्ट्र की परम्परा)।
विगत वर्षों की भांति इस वर्ष भी श्री सिद्धेश्वर नाथ सेवा समिति के तत्वावधान में डाक बम कांवरिया संघ का भव्य प्रस्थान अयोध्या धाम से हुआ। सावन माह के चौथे सोमवार की पावन प्रातः यह जत्था नंगे पांव 60 किलोमीटर की कठिन यात्रा को केवल 3 घंटे 40 मिनट में पूर्ण करते हुए श्री सिद्धेश्वर नाथ मंदिर, साधु नगर पहुँचा। श्री सिद्धेश्वरनाथ सेवा समिति के कोषाध्यक्ष प्रदीप गुप्ता ने पुष्प वर्षा कर सभी भक्तों का स्वागत किया तत्पश्चात सभी कांवरियों ने विधिपूर्वक जलाभिषेक कर भगवान भोलेनाथ का आशीर्वाद प्राप्त किया।
यह लगातार तीसरा वर्ष है जब यह अनुपम और अद्वितीय परंपरा को जीवंत रखा गया है। इस बार लगभग 40 शिवभक्तों की टोली को दो समूहों में विभाजित कर, उत्साह, आस्था और अनुशासन के साथ यह कठिन यात्रा सफलतापूर्वक सम्पन्न की गई।श्री सिद्धेश्वर नाथ सेवा समिति द्वारा सभी डाक बम कांवरियों का पुष्पवर्षा, जयघोष और माल्यार्पण के साथ भव्य स्वागत एवं सम्मान किया गया। मंदिर परिसर में प्रातःकाल से ही श्रद्धालुजनों की उपस्थिति रही, जिन्होंने बेलपत्र, पुष्प, फल एवं जल अर्पण कर भोलेनाथ को प्रसन्न करने में अपनी पूर्ण श्रद्धा से भागीदारी निभाई।
यह आयोजन न केवल भक्ति और साहस का प्रतीक बना, बल्कि समाज को आध्यात्मिक ऊर्जा एवं सकारात्मक प्रेरणा भी प्रदान करता है।
इस पावन यात्रा में सम्मिलित डाक बम कांवरियों के नाम इस प्रकार हैं:
लवकुश इलेक्ट्रॉनिक, प्रतीक गुप्ता, आकाश गुप्ता, अभिषेक गुप्ता, शुभम मिश्रा, शिवम, अमर गुप्ता, अमन वर्मा, आकाश,विनोद गुप्ता, रोहित गुप्ता, सौरभ तिवारी, राकेश गुप्ता, राकेश दुबे, अजय शर्मा, लाल जी, दीपक जायसवाल, आलोक गुप्ता, राहुल जायसवाल, निलेश, विशाल चौधरी, दीपक, अखिलेश, राहुल, विक्कू शर्मा, किशन, नंदू चौरसिया आदि।
AI निर्मित ग्रामीणों की सूझबूझ से दो किशोरियों की बची जान, दोनों मृत छात्राएं थीं…
अब प्रदेश में ही होगी कृषि एवं खाद्य उत्पादों की गुणवत्ता जांच, निर्यातकों का समय…
बलिया (राष्ट्र की परम्परा )आदर्श नगर पंचायत सिकंदरपुर में मंगलवार की शाम उस समय लोगों…
भाजपा में नई जिम्मेदारी मिलने पर व्यापारियों ने माल्यार्पण कर अंगवस्त्र भेंट किया, मंदिर के…
डॉ. एमजीआर संस्थान का डंका, 17 राज्यों की 76 टीमों ने दिखाया दम नारायणी नदी…
वाराणसी (राष्ट्र की परम्परा) यतीन्द्र मिश्र की रिपोर्ट धर्म, अध्यात्म, दर्शन और सनातन संस्कृति के…