ग्रामीणों की सूझबूझ से दो किशोरियों की बची जान, दोनों मृत छात्राएं थीं माता-पिता की इकलौती बेटियां; गांव में पसरा मातम
समस्तीपुर (राष्ट्र की परम्परा डेस्क)। बिहार के समस्तीपुर जिले से एक बेहद दर्दनाक हादसे की खबर सामने आई है। दलसिंहसराय थाना क्षेत्र के महनैया चौर में मंगलवार को कपड़ा धोने गईं चार किशोरियां अचानक गहरे पानी में चली गईं। देखते ही देखते खुशियों से भरा माहौल चीख-पुकार और चीखते परिजनों के मातम में बदल गया। इस हृदयविदारक घटना में दो चचेरी बहनों की डूबने से मौत हो गई, जबकि ग्रामीणों की तत्परता से दो अन्य किशोरियों को बचा लिया गया। हादसे के बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।
एक पल की चूक और दो परिवारों पर टूटा दुखों का पहाड़
मृत किशोरियों की पहचान सहबाजपुर महनैया के वार्ड संख्या 14 निवासी मोती दास की पुत्री सुस्मिता कुमारी (14) और राज कुमार दास की पुत्री रूबी कुमारी (16) के रूप में हुई है। दोनों आपस में चचेरी बहनें थीं और उर्दू मध्य विद्यालय, महनैया में पढ़ती थीं। सुस्मिता सातवीं कक्षा, जबकि रूबी नौवीं कक्षा की छात्रा थी। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को चारों किशोरियां सहेलियों के साथ महनैया चौर में कपड़े धोने गई थीं। इसी दौरान अचानक पैर फिसलने से वे गहरे पानी में पहुंच गईं। पानी में डूबती किशोरियों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके की ओर दौड़े। बिना देर किए ग्रामीणों ने पानी में उतरकर बचाव का प्रयास शुरू किया। उनकी सूझबूझ और तत्परता से दो किशोरियों को बाहर निकाल लिया गया, लेकिन सुस्मिता और रूबी को बचाया नहीं जा सका।
इकलौती बेटियों की मौत से बेसहारा-सा हुआ परिवार
इस हादसे की सबसे मार्मिक बात यह है कि दोनों मृत किशोरियां अपने-अपने माता-पिता की इकलौती बेटियां थीं। जिन घरों में बेटियों की हंसी और भविष्य के सपने गूंजते थे, वहां अब मातम पसरा है। अचानक हुई इस त्रासदी से दोनों परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। हादसे में दिनेश सहनी की पुत्री अंशु कुमारी गंभीर रूप से घायल हुई। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। एक अन्य किशोरी सुरक्षित बताई गई है।
पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। प्रारंभिक कार्रवाई के बाद पुलिस ने दोनों किशोरियों के शव कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, समस्तीपुर भेज दिए। महनैया चौर की इस घटना ने पूरे क्षेत्र को झकझोर दिया है। दो किशोरियों की असमय मौत से गांव में शोक का माहौल है। परिवारों के लिए यह ऐसा सदमा है, जिसकी भरपाई कर पाना आसान नहीं होगा। सावधानी जरूरी: जलाशयों, चौर और गहरे पानी वाले स्थानों पर कपड़े धोते या अन्य काम करते समय विशेष सतर्कता बरतें। फिसलन भरे किनारों और पानी की गहराई का अंदाजा न लगा पाना जानलेवा साबित हो सकता है।
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